मौसम का बदला मिजाज, तेज हवाओं से बढ़ी ठिठुरन; सर्दी के कहर से कांपा पंजाब
मौसम का बदला मिजाज,
तेज हवाओं से बढ़ी ठिठुरन;
सर्दी के कहर से कांपा पंजाब
वंदे भारत – पिछले दो सप्ताह से भीषण सर्दी के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हर बार पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने से मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ती है। लेकिन इस बार पहाड़ी क्षेत्रों में अभी बर्फबारी नहीं हुई, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों के मुकाबले मैदानी क्षेत्र में सर्दी कहर ढहा रही है। फाजिल्का में आखिरी बार 24 दिसंबर को सूरज के दर्शन हुए थे, जबकि उसके बाद से ही आसमां में कोहरे की चादर छाई हुई है। जिस कारण घरेलू कार्य के अलावा धूप नहीं खेलने से सर्दी व जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं।

दो दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम
जबकि मौसम विभाग की संभावना के अनुसार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं, जिसके चलते बारिश की भी संभावना है, जबकि दो दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा। पिछले दो सप्ताह से आसमां पर धुंध की चादर छाई हुई है।
ठंड के कारण घरों में कैद हुए बच्चे
ठंड के कारण छोटे बच्चे तो स्कूलों में ना जाने के कारण घरों में कैद होकर सर्दी से बचाव कर रहे हैं। 11वीं से लेकर 12वीं तक के बच्चे अभी भी दूर दराज स्कूलों में जा रहे हैं। वहीं इन कक्षाओं के अध्यापकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मंगलवार को पंजाब के विभिन्न जिलों में बारिश की संभावना है।

तेज हवा के चलते ठिठुरन बरकरार
जिसके तहत फाजिल्का में सुबह के समय कोहरा तो पूरी तरह से छंट गया, लेकिन इससे सर्दी से राहत नहीं मिली। क्योंकि आसमां में बादल दाने और तेज हवाओं के चलते ठिठुरन बरकरार रही। फाजिल्का में मंगलवार सुबह के तापमान की बात करें तो न्यूनतम तापमान 8 डिग्री के करीब रहा। जबकि हाईवे पर खेतों के किनारे धुंध बरकरार रही। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की संभावना है, जिसके बाद ही कोहरे की चादर पूरी तरह से छंट पाएगी।
मैदानी इलाकों में और बढ़ेगी ठंड
जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में अभी बारिश ना होने के बावजूद वहां भी सर्दी काफी है। जबकि वहां बर्फबारी होने के बाद भी मैदानी क्षेत्रों में सर्दी बढ़ेगी। उधर मंगलवार को आसमान में छाए बादल और चल रही तेज हवाओं से जहां लोग ठिठुर रहे हैं, वहीं सबसे ज्यादा परेशान लोहड़ी पर्व को लेकर दुकानें सजाकर बैठे दुकानदार हैं।क्योंकि मौसम खराब होने से खरीददार घर से बाहर नहीं निकल रहे, जबकि त्यौहार को अब केवल एक सप्ताह का समय शेष है।

