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जालंधर के लिए चन्नी का नाम फाइनल ! विक्रमजीत ने जताई नाराजगी; किस संकट में फंसी कांग्रेस?

वंदे भारत(हर्ष शर्मा) बगावत टालने के लिए कांग्रेस की ओर से लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा में देरी की जा रही है। पंजाब में चुनाव आखिरी चरण में होने हैं और टिकट की घोषणा के लिए अभी लंबा समय पड़ा है। ऐसे में पार्टी फिलहाल सभी की नाराजगी दूर करने का प्रयास कर रही है।

जालंधर सीट पर मच रहा घमासान

जालंधर को लेकर इस समय पार्टी में घमासान मचा हुआ है। पार्टी हाईकमान की इच्छा है कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को उम्मीदवार बनाया जाए, जबकि पूर्व सांसद स्व. चौधरी संतोख सिंह के बेटे व फिल्लौर के विधायक विक्रमजीत सिंह चौधरी इसका सार्वजनिक तौर पर विरोध कर चुके हैं। ऐसा ही हाल कई अन्य सीटों पर भी है। चुनाव में ऐसे हालात बन रहे हैं कि राजनीतिक दलों के पास अपने उम्मीदवार कम हैं और दूसरी पार्टियों के नेताओं पर अधिक विश्वास दिखा रहे हैं। इसी वजह से सभी राजनीतिक दल अपना उम्मीदवार घोषित करने में देरी कर रहे हैं ताकि दूसरे राजनीतिक दलों में बगावत का लाभ उठा सकें।

AAP में जा सकते हैं विक्रमजीत

जालंधर सीट पर चरणजीत सिंह चन्नी और विक्रमजीत सिंह चौधरी के सियासी दंगल को लेकर जहां कांग्रेस हाईकमान असमंजस में है, वहीं आप की भी इसी पर नजर है। कारण, चर्चा यही भी रही है कि अगर कांग्रेस की ओर से चन्नी के नाम की घोषणा की जाती है तो 77 साल से पार्टी से जुड़ा चौधरी परिवार टूटकर आम आदमी पार्टी में जा सकता है। कांग्रेस किसी भी हाल में यह नहीं चाहता कि चौधरी परिवार उनसे दूर हो। इसी कश्मकश में उम्मीदवार की घोषणा में देरी हो चुकी है।

राजा वड़िंग विक्रमजीत को मनाएंगे

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की दावेदारी पर विक्रमजीत सिंह चौधरी स्पष्ट कह चुके हैं कि पार्टी अगर उनके पिता के बलिदान का सम्मान नहीं करती है तो वह चुनाव में चुप्पी साध सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि चौधरी परिवार आम आदमी पार्टी के संपर्क में है। कांग्रेस के पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी कह चुके हैं कि वह विधायक विक्रमजीत सिंह चौधरी को मनाएंगे। बहरहाल, लिस्ट आने पर कई तरह के समीकरण बन सकते हैं।