कांग्रेस भी उतनी ही जिम्मेदार, जितनी BJP’ किसानों ने आंदोलन में विपक्ष के समर्थन से किया इनकार
कांग्रेस भी उतनी ही जिम्मेदार
जितनी BJP’ किसानों ने आंदोलन में विपक्ष के समर्थन से किया इनकार
वंदे भारत- ( सुरभि शर्मा ) पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने मंगलवार को उन दावों को खरिज कर दिया कि कांग्रेस पार्टी किसानों के विरोध में उनका समर्थन कर रही है। उल्टा किसान नेता ने देश की सबसे पुरानी पार्टी को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इस सब के लिए कांग्रेस भी उतनी ही जिम्मेदार है, जितनी भारतीय जनता पार्टी । पंधेर ने कहा कि ये कानून कांग्रेस लेकर आई है और किसान किसी के पक्ष में नहीं हैं। किसानों के ‘दिल्ली चलो’ विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, पंधेर ने कहा, “कांग्रेस पार्टी हमारा समर्थन नहीं करती है, हम कांग्रेस को भी उतना ही जिम्मेदार मानते हैं, जितना बीजेपी को। कांग्रेस द्वारा ही ये कानून लाए गए थे। हम किसी के पक्ष में नहीं हैं, हम किसानों की आवाज उठाते हैं।”

उन्होंने कहा, “हम वामपंथी, CPI और CPM नहीं हैं, जिन्होंने बंगाल पर शासन किया, 20 गलतियां कीं, वहां से पश्चिम बंगाल में कैसी क्रांति आई, हम किसी के पक्ष में नहीं हैं। हम किसान और मजदूर हैं। हम अपने लोगों से अपील करेंगे, चाहे वे पंजाब या देश के गायक हों या बुद्धिजीवी हों, NRI भाई हों, चाहे कोई अन्य नागरिक समाज हो, जिसमें पत्रकार भी शामिल हों, यह सिर्फ हमारा मुद्दा नहीं है। इस बड़े आंदोलन में, ये सिर्फ हमारी नहीं, 140 करोड़ देशवासियों की मांग है।”
किसान नेता ने आरोप लगाया कि सरकार उनके विरोध प्रदर्शन में देरी करना चाहती है।
पंढेर ने कहा, , “हमने कहा कि हम चर्चा के लिए दरवाजे खुले रखेंगे। अगर सरकार चाहे, तो कभी भी घोषणा कर सकती है। हालांकि, वे केवल हमारे विरोध में देरी करना चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे MSP अधिनियम के लिए एक समिति बनाएंगे। हमने उनसे कहा कि इस बारे में कानूनी गारंटी दी जानी चाहिए। हमने कहा कि सरकार को समिति बनाने के बजाय हमें एक तर्क देना चाहिए।”

उन्होंने राज्यों की स्थिति पर चिंता जताते हुए ये भी आरोप लगाया कि पुलिस हरियाणा और पंजाब के गांवों में लोगों को परेशान कर रही है।
पंढेर ने कहा, “हमने उनके सामने हरियाणा की स्थिति रखी कि आपने हरियाणा को कश्मीर की घाटी में बदल दिया है, आप हरियाणा के हर गांव में पुलिस भेज रहे हैं। आपने हरियाणा के हर गांव में वाटर कैनन भेजे हैं। हरियाणा के हर गांव के किसान और उनके रिश्तेदारों को परेशान किया जा रहा है।”
‘पंजाब और हरियाणा को बना दिया अंतरराष्ट्रीय सीमा’
उन्होंने कहा, “कहा जा रहा है कि आपका बेटा MBBS कर रहा है, वे उसे पढ़ने नहीं देंगे, आपके बेटे को डिग्री नहीं मिलेगी। अगर आपका भाई घर पर काम कर रहा है, तो हम उसे नौकरी से निकाल देंगे और आपका पासपोर्ट रद्द कर देंगे। और भी तरह के उत्पीड़न खूब रहे हैं। ये देख कर हमें तो ऐसा लग रहा है कि जैस पंजाब और हरियाणा भारत के दो राज्य नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय सीमा हैं।”

किसानों ने केंद्र सरकार के सामने 12 मांगें रखी हैं, जिन्हें लेकर वे दिल्ली कूच कर रहे हैं। इस बार के विरोध प्रदर्शन का आह्वान संयुक्त किसान मोर्चा और पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति ने किया है, जिसका नेतृत्व किसान यूनियन नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंढेर कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों के अनुसार, केंद्र ने उन्हें फसल की बेहतर कीमत का वादा किया, जिसके बाद उन्होंने 2021 का विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया था।
