
जालंधर : गुरदासपुर जिले के करणजीत सिंह मुल्तानी द्वारा दी गई शिकायत पर पंजाब स्टेट एवं चंडीगढ़ (यूटी) मानवाधिकार आयोग ने जालंधर के अरमान हॉस्पिटल के खिलाफ गंभीर संज्ञान लिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी सोनम मल्तानी की अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से मौत हुई, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायत के अनुसार, 24 जून 2025 को सोनम मुल्तानी मामूली सर्जरी के लिए जालंधर स्थित अरमान हॉस्पिटल, फुटबॉल चौक में लाया गया था। कुछ समय बाद ही डॉक्टर आर.पी.एस. छाबड़ा ने उसे ऑपरेशन थिएटर में ले जाया। कुछ समय बाद परिजनों को बताया गया कि उसकी हालत गंभीर है। अगले ही दिन 25 जून को अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पीड़ित पिता ने पुलिस स्टेशन डिवीजन नं. 2, पुलिस कमिश्नर जालंधर, सिविल सर्जन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को शिकायत देकर पोस्टमार्टम और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कि थी । लेकिन 42 दिन गुजर जाने के बावजूद किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने इसे रिकॉर्ड में लिया और आदेश दिया कि पुलिस कमिश्नर जालंधर और सिविल सर्जन अपनी विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले आयोग को सौंपें। साथ ही आयोग ने यह आदेश ईमेल और डाक दोनों माध्यमों से संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने को कहा है। इसके अलावा आदेश की एक प्रति विशेष डीजीपी (ह्यूमन राइट्स) पंजाब, चंडीगढ़ को भी भेजी जाएगी।आयोग ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच की जाएगी।
