Crime

जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में करोड़ों का घोटाला आया सामने, शहर की बड़ी हस्तियों के साथ-साथ अधिकारियों का नाम भी है शामिल

-SE, EO और चेयरमैन समेत कई अधिकारी नपेंगे
-के एल सहगल मेमोरियल ट्रस्ट पर होगी बड़ी कार्रवाई,
-जल्द सभी का नाम आएगा सामने

 

वंदे भारत- जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हुआ करोड़ों का घोटाला का जल्दी पर्दाफाश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक इस घोटाले में बड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और शहर के नाम के लोगों का नाम भी शामिल है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन जगतार सिंह संघेड़ा ने यह बातें कहीं है। सनखेड़ा ने कहा बाकी दो बड़े घोटाले सामने आए हैं।इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर में मीडिया से बातचीत करते हुए जगतार सिंह संघेड़ा कहां की इंप्रूवमेंट ट्रस्ट जालंधर को पीछे धकेलने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान ऐसी फाइलें मिली है जिसमें एक फाइल में लगभग 1.50 करोड रुपए और जबकि दूसरी फाइल में 50 लाखों रुपए का घोटाला सामने आया है। उन्होंने कहा धूप में इंटरेस्ट में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच लगातार चल रही है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा किया फाइलें पिछले 3 सालों की है और इसमें इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल है।

के एल सहगल मेमोरियल ट्रस्ट पर कसेगा शिकंजा

जगतार सिंह संघेड़ा ने कहा कि के एल सहगल मेमोरियल ट्रस्ट ने लीज डीड की उल्लंघना की है। ट्रस्ट नहीं जिस मकसद से जमीन लीज पर ली थी उसे पूरा नहीं किया जा रहा जबकि वहां शॉपिंग माल बनाकर उसे आगे राय पर दिया गया है। संघेड़ा ने कहा कि काजी मंडी के लोगों ने सूर्य एनक्लेव ने 2 मरले का प्लाट या फिर बीबी कंपलेक्स में प्लाट देने का फैसला किया गया है और जल्द ही काजी मंडी में अवैध कब्जे को छुड़वा कर वहां रोड को बड़ा किया जाएगा और साथ के साथ फैक्ट्री को भी पीछे किया जाएगा।

संघेड़ा ने कहा कि उन्हें 14 नवंबर 2022 को बतौर चेयरमैन का ऑर्डर संभाला था और उस वक्त वक्त ट्रस्ट 162 रुपए का देनदारी थी। इसका निपटारा कर के खत्म किया गया। उन्होंने यह बात भी कही कि ट्रस्ट में स्टाफ कम है फिर भी 350 रजिस्ट्री और 100 एनडीएस व एनओसई जारी किए जा चुके हैं और काफी लंबे समय से लंबित थी।