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पंजाब में आंधी की चेतावनी: 10 जिलों में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

पंजाब में आंधी की चेतावनी के तहत 10 जिलों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई गई है। जानें 17 से 19 जून तक का मौसम अपडेट।

पंजाब में आंधी की चेतावनी को लेकर मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पंजाब के 10 जिलों में आंधी, बिजली गिरने और बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। अनुमान है कि प्रभावित क्षेत्रों में हवाओं की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं, जबकि पठानकोट में बारिश भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है।

पंजाब में आंधी की चेतावनी किन जिलों के लिए जारी हुई?

मौसम विभाग के अनुसार मानसा, संगरूर, बरनाला, पटियाला, बठिंडा, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, होशियारपुर, गुरदासपुर और पठानकोट के कुछ हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। इन क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं और मौसम अचानक खराब हो सकता है।

विभाग ने लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित भवनों में शरण लेने को कहा गया है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।

मौसम में बदलाव की वजह क्या है?

पंजाब में आंधी की चेतावनी के पीछे कई मौसमीय कारण जिम्मेदार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पंजाब से बिहार तक एक मौसमी ट्रफ सक्रिय है। इसके अलावा 18 जून से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी प्रभावी होने जा रहा है।

इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव से पंजाब में बादल छाने, गरज-चमक होने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। यही कारण है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम अस्थिर रह सकता है।

बारिश और उमस का बिजली मांग पर असर

बारिश और बढ़ती उमस के बीच पंजाब में बिजली की मांग में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है। सोमवार शाम लगभग 5:45 बजे बिजली की मांग 13,036 मेगावाट तक पहुंच गई थी। हालांकि रात 8 बजे के बाद इसमें कुछ कमी आई और मांग करीब 12,000 मेगावाट रह गई।

राज्य को इस दौरान अपने स्रोतों से लगभग 5,200 मेगावाट बिजली मिली, जबकि केंद्र सरकार से करीब 7,700 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। बढ़ती गर्मी और उमस के कारण एयर कंडीशनर तथा कूलिंग उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग में वृद्धि दर्ज की गई।

अबोहर में बारिश के दौरान हादसा

मौसम के बदलते स्वरूप के बीच अबोहर में एक हादसा भी सामने आया। सोमवार सुबह करीब आधे घंटे तक हुई बारिश के दौरान आर्य नगर क्षेत्र में एक झुग्गी पर कच्ची दीवार गिर गई। इस घटना में एक व्यक्ति, उसकी बहन और दो बच्चे घायल हो गए।

घायलों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराया गया। यह घटना खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता को भी दर्शाती है।

अगले चार दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 15 से 18 जून के बीच पंजाब के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 19 जून को कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना अधिक है। वहीं 20 और 21 जून को भी कुछ स्थानों पर वर्षा के आसार बने हुए हैं।

हालांकि बारिश के बावजूद अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

17 जून का मौसम पूर्वानुमान

17 जून को पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

18 जून को बढ़ेगी गतिविधियां

18 जून को राज्य के अधिक जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा समेत कई जिलों में बिजली गिरने और आंधी चलने का खतरा बना रहेगा।

19 जून को भी जारी रहेगा असर

19 जून को अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, मानसा, गुरदासपुर, पठानकोट, मोहाली और अन्य कई जिलों में बारिश के आसार हैं। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना भी बनी रहेगी।

पंजाब में आंधी की चेतावनी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहना सबसे महत्वपूर्ण होगा। इससे जान-माल के नुकसान की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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