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रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी के बयानों पर सियासी बहस तेज

23 दिसंबर…नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के एक बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। रॉबर्ट वाड्रा ने हाल ही में कहा कि “हमें इस देश के वास्तविक मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि बांग्लादेशी हिंदुओं के बारे में।” उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि भारत में बांग्लादेशी हिंदुओं के मुद्दे को किस हद तक प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

रॉबर्ट वाड्रा का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर लगातार बहस होती रही है। उनके बयान को कुछ लोग घरेलू मुद्दों—जैसे बेरोज़गारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य—पर फोकस की अपील के तौर पर देख रहे हैं, जबकि आलोचक इसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय और मानवीय मुद्दों से दूरी बनाने वाला बयान बता रहे हैं।

इसी बीच, उनकी पत्नी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिलिस्तीनी मुसलमानों के अधिकारों की वकालत को लेकर चर्चा में रही हैं। हाल ही में उन्हें “फिलिस्तीन” लिखा हुआ थैला लेकर सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया, जिसे उन्होंने मानवाधिकारों और शांति के समर्थन का प्रतीक बताया। प्रियंका गांधी पहले भी ग़ज़ा में हो रही हिंसा और आम नागरिकों की पीड़ा पर चिंता जता चुकी हैं।

इन दोनों बयानों को लेकर राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस की विदेश नीति और मानवीय मुद्दों पर उसके रुख को लेकर सवाल उठा रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि पार्टी मानवाधिकारों के पक्ष में खड़ी रहती है, चाहे मुद्दा देश के भीतर का हो या अंतरराष्ट्रीय। वहीं विरोधी इसे दोहरे मापदंड के रूप में पेश कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी वाड्रा के बयानों ने एक बार फिर घरेलू बनाम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीतिक बहस को हवा दे दी है।

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