एएसआई को रिश्वत देने वाले पंच के पति डॉ. अमरजीत ने प्रेस कांफ्रेंस कर किए अहम खुलासे
एएसआई द्वारा रिश्वत लेने की सीसीटीवी वीडियो वायरल होने का मामला
जालंधर देहात के थाना मकसूदा के एएसआई की रिश्वत लेते हुए की सीसीटीवी वीडियो वायरल हुई थी। इसके बाद उसे उच्च अधिकारियों की तरफ से लाइन हजार भी कर दिया गया था। अब रिश्वत देने वाले डॉक्टर अमरजीत ने प्रेस कांफ्रेंस करके कई अहम खुलासे किए है।
वहीं इस मामले में बुलंदपुर के पशु चिकित्सक डॉ. अमरजीत सिंह ने आरोप लगाए है कि उनके विरुद्ध झूठे मुकदमे की साजिश रची गई थी।
जिसको लेकर आज प्रेस वार्ता के जरिए उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। डॉक्टर ने थाना मकसूदां में तैनात एएसआई हरबंस सिंह और देवी लाल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। डॉक्टर का आरप है कि एएसआई और देवी लाल ने स्थानीय प्रमुख नेताओं के साथ मिलकर उनके विरुद्ध सोची-समझी साजिश के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया। जबकि उन्हें भलीभांति ज्ञात था कि यह शिकायत राजनीतिक रंजिश और ब्लैकमेलिंग के उद्देश्य से की गई थी। डॉक्टर का कहना हैकि विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, देवी लाल ने अपने नाबालिग पुत्र का उपयोग करके झूठा आरोप लगाया कि उसका पुत्र डॉ. अमरजीत सिंह द्वारा शारीरिक शोषण का शिकार हुआ है। जबकि एएसआई हरबंस सिंह ने डॉक्टर द्वारा प्रस्तुत सभी महत्त्वपूर्ण साक्ष्यों को जानबूझकर गायब करवा दिया और वास्तविक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर मुकदमा दर्ज किया।
उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर तथ्य यह है कि शिकायतकर्ता के पुत्र का कोई चिकित्सकीय परीक्षण नहीं करवाया गया, जो कि ऐसे मामलों की पुष्टि के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य है। डॉक्टर ने आरोप लगाते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पूरी कार्यवाही विधायक और एसएचओ के दबाव में की गई, ताकि डॉ. अमरजीत सिंह को मानसिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से तोड़ा जा सके। डॉक्टर ने बताया कि गांव वासियों का भी यही कहना है कि यह मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। क्योंकि गांव बुलंदपुर में लंबे समय से कोई विकास कार्य नहीं हुआ और ना ही पंचायत सचिव की नियुक्ति की गई है। जिससे गांववासी अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और उनके विरुद्ध ऐसी कार्यवाहियां दबाव और भय का माहौल बनाने के लिए की जा रही हैं।
डॉ. अमरजीत सिंह ने कहा कि इस झूठे मुकदमे से उनकी प्रतिष्ठा, मानसिक संतुलन, पारिवारिक जीवन और पेशेवर छवि को गहरा आघात पहुंचा है। उनकी मांग है कि एएसआई हरबंस सिंह को तत्काल निलंबित कर विभागीय व आपराधिक जांच शुरू की जाए। वहीं देवी लाल व उसके समर्थकों पर नाबालिग पुत्र का दुरुपयोग कर झूठा मुकदमा दर्ज कराने, ब्लैकमेलिंग और षड्यंत्र रचने के आरोप में कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। इस दौरान उन्होंने विधायक और एसएचओ की भूमिका की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है। उनकी मांग है कि गांव बुलंदपुर को तुरंत पंचायत सचिव उपलब्ध कराया जाए तथा रोके गए विकास कार्य शीघ्र शुरू कराए जाएं। वहीं इस पूरे प्रकरण की विस्तृत, निष्पक्ष और सत्यनिष्ठ जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए तथा दर्ज झूठी एफआईआर को तुरंत रद्द करने की डॉक्टर ने अपील की है। वहीं डॉक्टर ने करतारपुर के विधायक बलकार सिंह पर भी पॉलीटिकल प्रेशर बनाने के आरोप लगाए हैं। इसको लेकर जब विधायक से बात करनी चाहिए तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

