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स्कूल के पास शराब का ठेका: जालंधर के देवी सहाय सनातन धर्म स्कूल ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

स्कूल के पास शराब का ठेका: जालंधर में बच्चों के भविष्य को लेकर उठे सवाल

स्कूल के पास शराब का ठेका होने का मामला जालंधर में चर्चा का विषय बना हुआ है। रेलवे क्रॉसिंग सोडल स्थित देवी सहाय सनातन धर्म सीनियर सेकेंडरी स्कूल के समीप संचालित शराब के ठेके को लेकर स्कूल प्रबंधन ने गंभीर चिंता जताई है। प्रबंधन का कहना है कि शिक्षा के मंदिर के बिल्कुल पास शराब का ठेका चलना न केवल बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, बल्कि स्कूल के शैक्षणिक वातावरण को भी प्रभावित करता है।

इसी मुद्दे को लेकर स्कूल प्रबंधन ने डिप्टी कमिश्नर (डी.सी.) जालंधर और पुलिस कमिश्नर, जालंधर को लिखित शिकायत भेजकर शराब के ठेके को वहां से हटाने की मांग की है। अब यह मामला प्रशासन के समक्ष है और अभिभावकों की निगाहें इस पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


स्कूल के पास शराब का ठेका हटाने की मांग

स्कूल के पास शराब का ठेका होने पर स्कूल के प्रिंसिपल संजय शर्मा ने कहा कि बच्चों के लिए स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र होता है। ऐसे में स्कूल के बिल्कुल नजदीक शराब का ठेका संचालित होना उचित नहीं माना जा सकता।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन को लिखित शिकायत भेजी गई है, जिसमें शराब का ठेका हटाने की मांग की गई है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


बच्चों के शैक्षणिक माहौल पर पड़ सकता है असर

स्कूल के पास शराब का ठेका होने से अभिभावकों और शिक्षकों में भी चिंता का माहौल है। उनका मानना है कि स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों के सामने शराब की दुकान का होना बच्चों के मनोविज्ञान और सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास का वातावरण सकारात्मक और सुरक्षित होना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का ध्यान केवल शिक्षा और विकास पर केंद्रित रहे।


प्रशासन को भेजी गई लिखित शिकायत

स्कूल प्रबंधन ने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा है कि स्कूल के आसपास का वातावरण बच्चों के अनुकूल होना चाहिए। इस कारण उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाया गया तो यह मुद्दा और गंभीर हो सकता है। स्कूल प्रबंधन को उम्मीद है कि प्रशासन विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगा।


भवन को लेकर भी चर्चा

स्कूल के पास शराब का ठेका जिस भवन में संचालित हो रहा है, उसे लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं। सूत्रों के अनुसार यह भवन माई हीरा गेट क्षेत्र के एक बुक शॉप संचालक का बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में किसी सक्षम अधिकारी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इसलिए भवन के स्वामित्व को लेकर अंतिम निष्कर्ष प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा।


अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता

इस मामले के सामने आने के बाद कई अभिभावकों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि स्कूल परिसर के आसपास ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां बच्चे सुरक्षित महसूस करें और बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के शिक्षा प्राप्त कर सकें।

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि स्कूल के पास शराब का ठेका संचालित होता रहेगा तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने प्रशासन से बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने की मांग की है।


क्या प्रशासन करेगा कार्रवाई?

स्कूल के पास शराब का ठेका हटाने की मांग के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करेगा।

यदि जांच में यह पाया जाता है कि संबंधित नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो प्रशासन आवश्यक कानूनी कदम उठा सकता है। वहीं यदि सभी नियमों का पालन किया गया है, तो प्रशासन अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लेगा।


बड़ा सवाल – क्या बच्चों के हित में होगा फैसला?

इस पूरे मामले ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं—

  • क्या शिक्षा के मंदिर के आसपास शराब का ठेका होना उचित है?
  • क्या प्रशासन बच्चों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा?
  • क्या स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी?
  • क्या भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाएगी?

इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।


निष्कर्ष

स्कूल के पास शराब का ठेका होने का मुद्दा केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण से जुड़ा विषय है। देवी सहाय सनातन धर्म सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन ने प्रशासन के समक्ष अपनी चिंता दर्ज कराई है और ठेका हटाने की मांग की है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर है कि वह शिकायत की निष्पक्ष जांच कर बच्चों के हित में क्या निर्णय लेता है। यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते हैं तो यह न केवल विद्यार्थियों के हित में होगा, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश भी जाएगा।

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