पंजाब में दो सरकारी अधिकारियों के फर्जी जाति प्रमाण पत्र रद्द
वंदे भारत- पंजाब के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग ने दो अध्यापकों के फर्जी जाति प्रमाण पत्र रद्द करने के आदेश जारी किए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री बलजीत कोर ने बुधवार को राज्यस्तरीय स्क्रूटनी समिति ने रद्द कर दिया है। बलजीत कौर ने बताया कि जसवीर सिंह पमाली मैंबर कोर समिति गुरु रविदास फैडरेशन, गांव पमाली, जिला लुधियाना द्वारा पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पास शिकायत की गई थी कि ज़िला फ़िरोज़पुर ममदोट के निवासी बलविन्दर कुमार ने अनुसूचित जाति का फर्जी सटीफिकेट बनाया है। इस आधार पर उसने बी.एससी (कृषि) की डिगरी और गुरु अंगददेव यूनिवर्सिटी आफ वेटनरी सायंसज लुधियाना में नौकरी प्राप्त की हुई है।

इसके इलावा बलवीर सिंह पुत्र निर्मल सिंह गांव आलमपुर ज़िला पटियाला ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि जिला एसएएस नगर के गांव जंडपुर के सरकारी मिडल स्कूल की हिंदी मिस्ट्रैस जसवीर कौर ने जट्ट सिख जाति से संबंधित होने के बावजूद अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट बनवाया है।

मंत्री ने बताया कि पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने इन शिकायतों को जांच के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को भेजा था। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय स्कूटनी समिति ने विजिलेंस सेल की रिपोर्ट पर विचार करते हुए बलविंदर कुमार और जसवीर कोर के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र के फर्जी होने की पुष्टि हुई है और इसे रद्द करने का निर्णय किया गया है।

मंत्री ने बताया कि विभाग ने फ़िरोज़पुर के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर बलविंदर कुमार के अनुसूचित जाति सर्टीफिकेट नंबर 471 तारीख़ 14 जनवरी 1993 और एसएएस नगर के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिख कर जसवीर कौर के अनुसूचित जाति सर्टीफिकेट नंबर 151 तारीख़ 20 जुलाई 1990 को रद्द और ज़ब्त करने के लिए कहा गया है।
