यमुना में नाव पलटी: सेना के दो जवान लापता, हथिनीकुंड बैराज के पास रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
यमुना में नाव पलटी, सेना के दो जवान लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
यमुना में नाव पलटी: यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना नदी में संयुक्त जल प्रशिक्षण के दौरान एक नाव तेज बहाव और भंवर में फंसने के बाद पलट गई। हादसे में नाव पर सवार सेना के दो जवान लापता हो गए हैं। घटना मंगलवार, 1 सितंबर की शाम की बताई जा रही है। लापता जवानों की तलाश के लिए सेना, वायुसेना, पुलिस और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
यमुना में नाव पलटी, तेज बहाव में बहे जवान
अधिकारियों के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज में संयुक्त जल प्रशिक्षण चल रहा था। इसी दौरान नाव पानी के तेज बहाव में फंस गई और बैराज के नीचे की ओर बहने लगी। स्थिति को देखते हुए टीम ने नाव को वापस निकालने का प्रयास किया।
हालांकि, नाव जल निकासी द्वार के आसपास बने तेज भंवरों की चपेट में आ गई। पानी के दबाव और तेज बहाव के कारण नाव अपना संतुलन खो बैठी और पलट गई। हादसे के दौरान नाव में मौजूद जवान तेज बहाव में बह गए।
हथिनीकुंड बैराज के पास रेस्क्यू ऑपरेशन
यमुना में नाव पलटी की सूचना मिलते ही बचाव दल सक्रिय हो गए। सेना और वायुसेना की टीमों के साथ स्थानीय पुलिस तथा नागरिक प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
संयुक्त टीमों द्वारा नदी में लापता जवानों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जवानों का पता लगाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। नदी के तेज बहाव और बैराज के आसपास मौजूद भंवरों के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
संयुक्त जल प्रशिक्षण के दौरान हुआ हादसा
बताया गया है कि यह घटना किसी सामान्य नाव यात्रा के दौरान नहीं, बल्कि संयुक्त जल प्रशिक्षण के दौरान हुई। प्रशिक्षण के दौरान नाव पानी के तेज बहाव में फंस गई थी।
टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने और नाव को सुरक्षित स्थान पर वापस लाने की कोशिश की, लेकिन बैराज के नीचे की तरफ पानी की तेज गति के कारण नाव नियंत्रण से बाहर हो गई।
जल निकासी द्वार के आसपास तेज भंवर बनने के कारण नाव पलट गई। इसके बाद चालक दल के दो सदस्य लापता हो गए।
सेना और वायुसेना की टीमें जुटीं
हादसे के बाद सेना और वायुसेना की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन भी बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
रेस्क्यू टीमों का मुख्य उद्देश्य लापता दोनों जवानों का जल्द से जल्द पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। नदी में तेज बहाव होने के कारण अभियान के दौरान बचाव दल को भी विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
तेज बहाव बना सबसे बड़ी चुनौती
हथिनीकुंड बैराज के आसपास यमुना नदी का पानी तेज गति से बहता है। बैराज के जल निकासी द्वारों के आसपास पानी में भंवर बनने की स्थिति भी सामने आती है। ऐसे में नाव के पलटने के बाद नदी में सर्च ऑपरेशन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
रेस्क्यू टीमों द्वारा नदी के संभावित क्षेत्रों में तलाश की जा रही है। उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर लापता जवानों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
परिवार और अधिकारियों की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर
हादसे के बाद लापता जवानों के परिवारों और सैन्य अधिकारियों की नजर लगातार बचाव अभियान पर बनी हुई है। फिलहाल प्राथमिकता दोनों जवानों को खोजने की है।
अधिकारियों ने बताया कि सेना, वायुसेना, पुलिस और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार काम कर रही हैं। जैसे-जैसे रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, जवानों की तलाश को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।
यमुना में नाव पलटी की इस घटना ने हथिनीकुंड बैराज के पास हुए संयुक्त जल प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लापता दोनों जवानों की तलाश और सुरक्षित बचाव पर है।

