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जालंधर के पूर्व ADCP ट्रैफिक ने अदालत में किया सरेंडर रिश्वत मामले में विजिलेंस को थे वांछित

वंदे भारत (हर्ष शर्मा)    जालंधर के पूर्व एडीसीपी ट्रैफिक ने अदालत में सरेंडर कर दिया है। पूर्व ADCP ट्रैफिक गगनेश कुमार शर्मा रिश्वत की एक मामले में विजिलेंस को वांछित थे। कोटकपूरा के गांव कोट सुखिया के चार साल पुराने बाबा दयाल दास हत्याकांड में आईजी फरीदकोट के नाम पर शिकायतकर्ता को डरा धमका कर 20 लख रुपए रिश्वत वसूलने का गगनेश शर्मा पर आरोप था। उसे समय वह फरीदकोट में एसपी के पद पर तैनात थे। गगनेश की अग्रिम जमानत याचिका अदालत और उच्च न्यायालय से रद्द हो चुकी थी। विजिलेंस लगातार उनकी तलाश में छापेमारी कर रही थी।

गांव कोटसुखिया के बाबा दयाल दास हत्याकांड में मुख्य आरोपी को क्लीन चिट मिलने के बाद शिकायतकर्ता बाबा गगन दास ने फरीदकोट रेंज के आईजी के पास नए सिरे से पड़ताल करने का आवेदन दिया था। इस पर आईजी ने एसपी गगनेश कुमार शर्मा की अगवाई में SIT का गठन किया। SIT में शामिल एसपी गगने श के अलावा डीएसपी फरीदकोट सुशील कुमार वह आईजी दफ्तर के एएसआई खेमचंद पराशर ने दो अन्य व्यक्तियों महंत मलकी दास वह जसविंदर सिंह जस्सी ठेकेदार के साथ मिलकर बाबा गगन्दास से हत्याकांड में बाबा जरनैल दास को दोबारा नामजद करने के लिए 50 लाख की मांग की। रिश्वत के लिए पुलिस अधिकारियों ने बाबा गगन्दास को डराना धमकाना भी शुरू कर दिया था। 35 लाख में सौदा कर 20 लाख की वसूली भी कर ली थी।
रिश्वत लेकर भी जब बाबा जरनैल दास पर कार्रवाई नहीं हुई तो बाबा गगनदास ने पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन व डीजीपी को शिकायत दी। इसके बाद जांच की गई तो आप सही पाए गए और थाना सदर कोटकपूरा में एसपी, डीएसपी और एएसआई समेत दो अन्य लोगों पर केस दर्ज कर मामला विजिलेंस को सौंप दिया गया।
डीएसपी सुशील पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और अब एसपी गगनेश शर्मा ने अदालत में सरेंडर कर दिया है