G‑RAM‑G बिल में रोजगार की गारंटी, साप्ताहिक वेतन और देरी पर ब्याज”
6.. jan..उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित भारत‑गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी G‑RAM‑G बिल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस नए कानून से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी और मजदूरों को काम के लिए साप्ताहिक भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं होता है तो श्रमिकों को ब्याज भुगतान भी मिलेगा।
योगी आदित्यनाथ के अनुसार यह बिल मनरेगा (MGNREGA) की जगह लाया गया है और इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार प्रणाली को और अधिक मजबूती देना है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 125 दिनों तक रोजगार का अधिकार मिलेगा, जो मनरेगा के मौजूदा 100 दिनों से अधिक है। बिल में यह भी प्रावधान है कि मजदूर को निर्धारित समय में मजदूरी का भुगतान किया जाएगा और अगर भुगतान में देरी होती है तो सरकार ब्याज के रूप में अतिरिक्त राशि देने के लिए बाध्य होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कानून रोजगार के साथ‑साथ आजीविका की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों और श्रमिकों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा और समय पर भुगतान तथा पारदर्शिता से ग्रामीण विकास में तेजी आएगी। हालांकि इस बिल को लेकर विपक्षी दलों ने भी आलोचना की है, लेकिन सरकार इसका प्रचार बूथ स्तर तक कर ग्रामीणों को इसके फायदों के बारे में बता रही है।
G‑RAM‑G बिल ने संसद में काफी चर्चा और बहसें उत्पन्न की हैं, लेकिन सरकार इसे ग्रामीण रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

