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इन आतंकियों के साथ जुड़े हैं गैंगस्टर लॉरेंस के तार, एनआईए का बड़ा दावा पूछताछ जारी

वंदे भारत 24 -: गैंगस्टर से कथित आतंकी बने लॉरेंस बिश्नोई के तार चार कनाडा और तीन पाकिस्तान आधारित आतंकियों से जुड़े हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यह दावा लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ दर्ज दूसरी प्राथमिकी में किया है। एनआईए का कहना है कि विदेश में बैठे इन सात आतंकियों के साथ ही लॉरेंस पर भी देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने/साजिश रचने का आरोप है। एनआईए ने पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक की अदालत में रिपोर्ट पेश की। उसमें बताया कि केंद्र सरकार को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कनाडा और पाकिस्तान में बैठे कुछ आतंकी देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए स्थानीय गैंगस्टरों का सहारा ले रहे हैं। इन आतंकियों के संबंध देश के कई बड़े गैंगस्टरों से हैं। एनआईए ने जब इसकी तफ्तीश की तो दीपक रांगा का नाम सामने आया। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करता है। रांगा के माध्यम से ही लॉरेंस कटघरे में आया। छानबीन की तो लॉरेंस की कड़ियां जुड़ती चली गईं।

तीन आतंकी संगठनों के नाम सामने आए

एनआईए के अनुसार तीन आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट, बब्बर खालसा इंटरनेशनल और सिख यूथ फेडरेशन देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रच रहे हैं। इनके साथ सिखों के लिए इंसाफ से जुड़े कई गैरकानूनी संगठन भी शामिल हैं। ये सभी खालिस्तान समर्थक हैं। हालांकि इनमें कुछ संगठन प्रतिबंधित नहीं है। तीन मुख्य संगठनों के आका कनाडा और पाकिस्तान में हैं। देश में हिंसा फैलाने के इरादों में लॉरेंस भी इनके साथ जुड़ा है।

तस्करी के जरिये हथियार भेजे जा रहे

एनआईए का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय और राज्य सीमाओं से तस्करी के जरिये भारत में हथियार पहुंचाए जा रहे हैं। इन घातक हथियारों का इस्तेमाल देश में सक्रिय संगठित आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में कर रहे हैं। इन हथियारों से बम धमाके, टारगेट हत्या, पुलिस और सेना पर हमला कर रहे हैं।

कई तरीकों से धन एकत्र किया जा रहा

आंतकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कई तरीकों से धन एकत्रित किया जा रहा है। समुदाय विशेष से क्राउड फंडिंग, सीमा पार से गैरकानूनी तरीके से ड्रग्स की तस्करी, फिरौती, हवाला ट्रेड़िग एवं अन्य गैरकानूनी कामों से आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाया गया। पिछले दिनों इन आतंकी संगठनों और लॉरेंस जैसे गैंगस्टर ने देश में आतंक फैलाने जैसे कृत्यों का अंजाम दिया है।

पूछताछ में अहम सबूत हाथ लगे

इस मामले में एनआईए ने लॉरेंस को सात दिन की रिमांड पर लिया है। एनआईए के हाथ में कई अहम सबूत लगे हैं। उधर, बचाव पक्ष के अधिवक्ता विशाल चोपड़ा ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि एक ही जैसे आरोपों को लेकर एनआईए ने दूसरा मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि अदालत ने कहा कि पहले मामले से दूसरे मामले में अलग तथ्य सामने आए हैं। आरोप गंभीर और संगीन हैं।

कनाडा आधारित आतंकी

● अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श दला
● रमनदीप उर्फ रमन जज
● लखबीर सिंह संधू
● हरदीप सिंह निज्जर

पाकिस्तान आधारित

● हरविंदर सिंह संधू
● वाधवा सिंह उर्फ बब्बर
● लखवीर सिंह

(एनआईए के मुताबिक ये सभी आतंकी मूल रूप से भारत में पंजाब के निवासी हैं। बहरहाल कनाडा और पाकिस्तान से गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं)

सजा का प्रावधान

इन सभी अपराधों के साबित होने की स्थिति में अधिकतम मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

चार मामलों में दोषी ठहराया जा चुका

लॉरेंस को 18 साल की उम्र में किसी के घर घुसकर चोट पहुंचाने के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। उसके खिलाफ दो अक्तूबर 2010 को पंजाब के एसएएस नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा पंजाब के ही तीन अन्य मामलों में लॉरेंस दोषी पाया गया है। उनमें पुलिस की गिरफ्तारी से बचने व दूसरों को बचाने, मादक पदार्थ की तस्करी, धोखाधड़ी और जेल में प्रतिबंधित वस्तु लाने और छिपाने के मुकदमे शामिल हैं।

ये आरोप लगाए

● देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना, युद्ध छेड़ने के लिए उकसाना
● देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचना
● आपराधिक साजिश
● गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की धाराएं लगाई