घग्गर का पानी गांवों में घुसा, छात्र की डूबने से मौत, एक बहा, 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट
वंदे भारत- हिमाचल प्रदेश व जम्मू में शनिवार रात को हुई बारिश के कारण घग्गर और सतलुज उफान पर हैं। घग्गर का पानी पटियाला के गांवों घुसने से काफी नुकसान हुआ है। भागपुर और दड़वा के आस-पास के गांवों में फसलें डूब गई हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है। वहीं, आनंदपुर साहिब के गांव हरीवाल में सतलुज पर बनाया गया धुस्सी बांध टूटने से खेतों में पानी भर गया है।
तलवाड़ा में हिमाचल प्रदेश के धरनौली (इंदौरा) के गांव चंगडवा के 12वीं कक्षा के छात्र यश ठाकुर (18) की नहर में डूबने से मौत हो गई। वह यहां सीनियर सेकंडरी स्कूल सेक्टर-1 में पढ़ रहा था। वहीं, होशियारपुर के टांडा उड़मुड़ के गांव आलमपुर में 51 वर्षीय व्यक्ति काली बेईं में बह गया।

उसकी पहचान मोहिंदरपाल सिंह के रूप में हुई है। हादसा शनिवार रात को हुआ, जब मोहिंदर पाल अपने अन्य साथियों के साथ काली बेईं का जलस्तर देखने गया था। उसके साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह उसे बचा नहीं सके। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
इस बीच मौसम विभाग ने पंजाब में मंगलवार से तीन दिन के भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक अमृतसर में 84.6 एमएम, फरीदकोट में 90.8, गुरदासपुर में 10.3, एसबीएस नगर में 8.4, फिरोजपुर में 74.0, जालंधर में 54.5, मोगा में 45.5, मोहाली में 4.0 एमएम की बारिश हुई।
पठानकोट में हिमाचल प्रदेश को पंजाब से जोड़ने वाले चक्की पुल की जांच करने पहुंचे एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि अब इसे बचाना मुश्किल है। यह किसी भी समय हादसे का शिकार हो सकता है। लिहाजा अब लोगों को आने वाले समय में भी 25 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना होगा।

तलवाड़ा के कंडी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद कमाही देवी-संसारपुर मार्ग बंद हो गया है। ब्लॉक तलवाड़ा के सीमांत गांव संधानी की एकमात्र संपर्क सड़क बह गई है। सतलुज में उफान के कारण फिरोजपुर के हुसैनीवाला से नदी का पानी पाकिस्तान की तरफ छोड़ा गया।
नंगल पहुंचे मान, कहा- सतलुज व स्वां नदी का करेंगे तटीकरण
मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को श्री आंनदपुर साहिब में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने नंगल पंहुचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ भाखड़ा बांध के जलस्तर पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सतलुज व स्वां नदियों का हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर तटीकरण किया जाएगा, ताकि पंजाब में भी बाढ़ को रोका जा सके।
