पीएम मोदी पेरिस संबोधन: फुटबॉल से योगा, चंद्रयान से ट्रेड तक भारत की नई उड़ान का दुनिया के सामने रखा विजन

पीएम मोदी पेरिस संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारत की उपलब्धियों, आर्थिक विकास, अंतरिक्ष मिशनों और वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा की। फ्रांस की राजधानी Paris में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत केवल भविष्य का सपना नहीं देख रहा, बल्कि भविष्य को आकार भी दे रहा है। उन्होंने भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत बनाने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेरिस रोशनी, संस्कृति और नवाचार का शहर है, लेकिन यहां रहने वाले भारतीयों ने इसे और भी रंगीन बना दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के अलग-अलग राज्यों से आए लोग फ्रांस में भारतीय संस्कृति की विविधता और शक्ति का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
पीएम मोदी पेरिस संबोधन में लोकतंत्र और विकास का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्षों तक देश की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र की ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय प्रगति की है। देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) दोगुना हुआ है, एयरपोर्ट्स की संख्या में भारी वृद्धि हुई है और करोड़ों लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय महिलाएं आज समाज और अर्थव्यवस्था दोनों में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। विभिन्न सरकारी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
पीएम मोदी पेरिस संबोधन में भारत-फ्रांस संबंधों की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि फ्रांस में रहने वाले भारतीय दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं। यही कारण है कि भारत और फ्रांस की साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है।
भारत कनेक्ट कार्यक्रम का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रांस यात्रा के दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे “भारत कनेक्ट” कार्यक्रम का हिस्सा बन गए हों। उन्होंने भारतीय समुदाय के उत्साह और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
पीएम मोदी पेरिस संबोधन में भारत की आर्थिक उपलब्धियां
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। पिछले एक दशक में मोबाइल निर्माण क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि भारत का निर्यात कई गुना बढ़ा है और देश वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
मोबाइल निर्माण में भारत की बड़ी छलांग
प्रधानमंत्री के अनुसार, देश में मोबाइल निर्माण इकाइयों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता भी मजबूत हुई है।
पीएम मोदी पेरिस संबोधन में चंद्रयान और अंतरिक्ष मिशनों का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक चंद्रयान उतारकर इतिहास रच दिया।
उन्होंने कहा कि अब भारत का लक्ष्य और भी बड़ा है। देश गगनयान मिशन की तैयारी कर रहा है और भविष्य में अपना स्पेस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
विज्ञान और तकनीक में नई पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों की मेहनत और नवाचार ने देश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। भारत की उपलब्धियां आज पूरी दुनिया में सराही जा रही हैं।
ग्रीन एनर्जी और न्यूक्लियर सेक्टर में भारत की प्रगति
पीएम मोदी पेरिस संबोधन के दौरान ग्रीन एनर्जी पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से निवेश कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी और फास्ट ब्रीडर रिएक्टर जैसी आधुनिक तकनीकों पर तेजी से काम हो रहा है। इससे भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
न्यूक्लियर एनर्जी में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियां देश के न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में क्रांति ला रही हैं और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
फुटबॉल और भारत-फ्रांस के सांस्कृतिक संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में फुटबॉल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फ्रांस में फुटबॉल का जबरदस्त क्रेज है और भारत में भी इस खेल के करोड़ों प्रशंसक हैं।
उन्होंने फ्रांस की फुटबॉल टीम को विश्व कप के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल दोनों देशों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि खेल, संस्कृति और व्यापार के क्षेत्र में भारत और फ्रांस का सहयोग आगे भी मजबूत होता रहेगा।
पीएम मोदी पेरिस संबोधन में भारत की आर्थिक प्रगति, अंतरिक्ष मिशनों, ग्रीन एनर्जी, लोकतंत्र और वैश्विक साझेदारी की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल विकासशील देश नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और प्रभावशाली साझेदार के रूप में उभर रहा है।
