एमपी में बाहरी राज्यों के आर्म्स लाइसेंस अमान्य
24..jan..मध्यप्रदेश में दूसरे राज्यों से जारी किए गए आर्म्स लाइसेंस अब मान्य नहीं माने जा रहे हैं। इसका असर सबसे ज्यादा उन जवानों पर पड़ा है जो किसी अन्य प्रांत से लाइसेंस बनवाकर मध्यप्रदेश में तैनात हैं। लाइसेंस होने के बावजूद वे यहां हथियार नहीं रख पा रहे हैं। राज्य में इस वजह से 2500 से अधिक मामले लंबित बताए जा रहे हैं।.गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत अब राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर लाइसेंस की वैधता तय कर रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि दूसरे राज्यों से बने आर्म्स लाइसेंस तब तक मान्य नहीं होंगे, जब तक उन्हें एमपी में स्थानांतरित (ट्रांसफर) नहीं कराया जाता। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को जिला प्रशासन के पास आवेदन देना होता है।.समस्या यह है कि बड़ी संख्या में जवान—जिनमें पुलिस, अर्धसैनिक बल और निजी सुरक्षा से जुड़े लोग शामिल हैं—ड्यूटी के चलते एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित होते रहते हैं। कई जवानों के पास वर्षों पुराने वैध लाइसेंस हैं, लेकिन प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली होने के कारण वे समय पर ट्रांसफर नहीं करा पा रहे हैं।.आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 2500 से ज्यादा ऐसे आवेदन लंबित हैं, जिनमें लाइसेंस ट्रांसफर या नवीनीकरण की मांग की गई है। कुछ मामलों में जांच लंबी खिंचने, तो कहीं पुलिस सत्यापन में देरी के कारण फाइलें अटकी हुई हैं।.इस स्थिति को लेकर जवानों में नाराजगी भी देखी जा रही है। उनका कहना है कि वैध लाइसेंस होने के बावजूद हथियार न रख पाने से उनकी सुरक्षा प्रभावित हो रही है। वहीं प्रशासन का तर्क है कि सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है।.फिलहाल राज्य सरकार ने जिला अधिकारियों को लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश दिए हैं, ताकि वास्तविक लाइसेंसधारकों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।


