पत्नी उषा पर नस्लीय हमलों से भड़के जेडी वेंस, ‘नस्लीय गद्दार’ कहने वालों को सुनाई खरी-खरी
22..दिसंबर…जेडी वेंस ने अपनी पत्नी उषा वेंस को निशाना बनाकर किए जा रहे नस्लवादी हमलों पर करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जातीय घृणा के सभी रूपों का हमारे आंदोलन में कोई स्थान नहीं है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी पत्नी उषा वेंस को निशाना बनाकर किए जा रहे नस्लवादी और लैंगिक भेदभाव वाले हमलों पर चुप्पी तोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया है। एक हालिया इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि रूढ़िवादी आंदोलन में जातीय नफरत की कोई जगह नहीं है। अनहर्ड’ को दिए गए इंटरव्यू में जेडी वेंस ने धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता निक फ्यूएंट्स और बाइडन प्रशासन की पूर्व प्रेस सचिव जेन साकी सहित कई अन्य आलोचकों की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। वेंस ने कहा, “यहूदी-विरोध और जातीय घृणा के सभी रूपों का हमारे आंदोलन में कोई स्थान नहीं है। चाहे आप किसी पर इसलिए हमला कर रहे हों क्योंकि वह श्वेत है, अश्वेत है या यहूदी है, मुझे लगता है कि यह घृणास्पद है।पिछले कई महीनों से वेंस पर निक फ्यूएंट्स की सार्वजनिक निंदा करने का दबाव था। फ्यूएंट्स के समर्थक, जिन्हें ‘ग्रोपर्स’ कहा जाता है, अक्सर नस्लवादी और यहूदी-विरोधी बयानबाजी के लिए चर्चा में रहते हैं। फ्यूएंट्स ने अमेरिका की सेकंड लेडी उषा वेंस के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था और जेडी वेंस को उनसे शादी करने के कारण नस्लीय गद्दार तक कह दिया था।हालांकि, वेंस ने इस इंटरव्यू में फ्यूएंट्स के प्रभाव को कमतर बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक दायरे में फ्यूएंट्स जैसे लोगों की भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। वेंस के अनुसार, ऐसे लोगों को केवल मुख्य मुद्दों जैसे अमेरिकी विदेश नीति से ध्यान भटकाने के लिए मीडिया में उछाला जाता है।यह इंटरव्यू वेंस द्वारा टर्निंग पॉइंट यूएसए के अमेरिकाफेस्ट को संबोधित करने के कुछ ही समय बाद सामने आया है। वहां वेंस ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने विविधता, समानता और समावेशन (DEI) जैसी नीतियों को इतिहास के कूड़ेदान में डाल दिया है। वेंस ने तर्क दिया कि DEI नीतियां अमेरिकी मूल्यों और योग्यता के खिलाफ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम किसी के साथ उसकी नस्ल या लिंग के आधार पर अलग व्यवहार नहीं करते हैं।” बता दें कि निक फ्यूएंट्स अपनी विवादित टिप्पणियों, एडोल्फ हिटलर की प्रशंसा करने और लगातार नस्लवादी बयानों के कारण व्यापक आलोचना झेलते रहे हैं।


