दिल्ली के बॉर्डर पर कब तक रहेगा पुलिस का पहरा? किसान आंदोलन के बीच आया बड़ा अपडेट
दिल्ली के बॉर्डर पर कब तक रहेगा पुलिस का पहरा?
किसान आंदोलन के बीच आया बड़ा अपडेट
वंदे भारत- ( दीपांशु चोपड़ा ) केंद्र सरकार से किसानों की वार्ता बार-बार विफल होने व शंभू बॉर्डर के हालात को देखते हुए दिल्ली पुलिस का मानना है कि किसानों का विरोध प्रदर्शन लंबा भी खींच सकता है। जब तक पड़ोसी राज्यों में किसान विरोध प्रदर्शन व उपद्रव करते रहेंगे, तब तक दिल्ली पुलिस अपनी सीमाओं पर डटी रहेगीं। पड़ोसी राज्यों में किसानों के शांत होने तक दिल्ली की सीमाओं को नहीं खोला जाएगा।

दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था
शंभू बॉर्डर पर किसानों द्वारा भारी उपद्रव किए जाने को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सिंघु, टीकरी, औचंदी व गाजीपुर समेत सभी छोटी-बड़ी सीमाओं पर मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था दोगुनी कर दी थी। बृहस्पतिवार को सरकार से भाकियू उगराहां गुट की वार्ता विफल होने व इस गुट का भी गल्लेवाल व पंधेर गुट को समर्थन करने पर दिल्ली पुलिस सीमाओं की सुरक्षा और भी मजबूत कर सकती है।
कोई भी चूक नहीं करना चाहती है पुलिस
बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इसको लेकर नई रणनीति तय की गई। दिल्ली पुलिस इस बार सुरक्षा में किसी भी तरह का जरा भी चूक करना नहीं चाह रही है। किसानों को किसी भी सूरत में दिल्ली में प्रवेश नहीं करने देने का सख्त निर्णय लिया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि अब तक डल्लेवाल व पंढेर गुट द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। यह गुट भले ही अपने साथ 50 छोटे-छोटे संगठनों का जुड़े होने का दावा करता है, लेकिन स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट है कि इस गुट में लोगों की संख्या कम है।

टीकरी बॉर्डर पर लगाए गए कैमरे
भाकियू उगराहां गुट भी 37 संगठनों के जुड़े होने का दावा करता है। इस गुट में लोगों की संख्या अधिक होने की बात बताई जा रही है। इसलिए दिल्ली पुलिस ने इसका समर्थन मिलने पर सुरक्षा घेरा और अधिक बढ़ाने का निर्णय किया है। विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था रवींद्र सिंह यादव का कहना है कि सभी सीमाओं पर बड़ी संख्या में सड़कों के किनारे व लोगों के घरों की छतों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। टीकरी बॉर्डर पर उच्च गुणवत्ता वाले 80 कैमरे लगाए जा चुके हैं।
यहां बिजली के खंभे व मैट्रो पिलर के अलावा लोगों के घरों के बाहर व छतों पर कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे लगाए जाने का सिलसिला अभी जारी ही है। इसी तरह सिंघु बॉर्डर पर 100 से अधिक व गाजीपुर तथा मुकरबा चौक पर 30-30 उच्च गुधवत्ता वाले कैमरे लगाए गए हैं। इन जगहों पर भी अभी और कैमरे लगाए जा रहे हैं। कैमरे लगाने के पीछे पुलिस का उद्देश्य यह है कि अगर सीमाओं तक आकर किसान किसी भी तरह का उपद्रव करेंगे तो कैमरे के जरिये उपद्रवियों की पहचान की जा सके, ताकि मुकदमा दर्ज कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

2021 में सीमाओं पर अधिक कैमरे नहीं लगाए गए थे, क्योंकि पुलिस को यह उम्मीद नहीं थी कि किसान दिल्ली में घुसकर उपद्रव कर सकते थे। अचानक हिंषक उपद्रव करने पर पुलिस को उपद्रवियोें की पहचान करने में दिक्कत हुई थी। बहुत कम उपद्रवियों की पहचान हो पाई थी। इस बार पुलिस सुरक्षा में हर वह एहतियात बरत रही है जिससे किसानों को दिल्ली नहीं घुसने देने में परेशानी आए और उपद्रव करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने में दिक्कत आ सके।
जगह-जगह बनाया गया सुरक्षा घेरा
रवींद्र सिंह यादव का कहना है कि इस बार सीमाओं के अलावा शहर के अंदर भी कई जगहों पर सड़कों पर कई स्तर का सुरक्षा घेरा बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। अगर किसान गाजीपुर सीमा से आगे बढ़ भी जाएंगे तो वे अक्षरधाम, आइटीओ पुल, आइटीओ चौराहा, शिवाजी ब्रिज के नीचे के अलावा नई दिल्ली जिले में जगह-जगह बनाए गए सुरक्षा घेरा को नहीं तोड़ पाएंगे। सीमाओं पर पुलिस सुरक्षा घेरा धीरे-धीरे और मजबूत ही करती जा रही है। जिससे पड़ोसी राज्यों से दिल्ली आने जाो वाले लोगों व दिल्ली के लोगों को एनसीआर में जाने पर परेशानी बढ़ती ही जा रही है। सीमाओं पर हर दिन भीषण जाम लग रहा है। इसका असर शहर के अंदर पर भी पड़ रहा है।

