मासूम दिलरोज को मिला न्याय, हत्यारी नीलम को मिली मौत की सजा

वंदे भारत(काजल) लुधियाना कोर्ट ने ढाई साल पुराने मर्डर केस में फैसला सुनाया है। नवंबर 2021 में दो साल की एक बच्ची को जिंदा दफनाने का मामला सामने आया था। आरोप बच्ची के पड़ोस में रहने वाली एक महिला पर लगा। अब कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया है। पीड़ित परिवार के वकील ने बताया कि 15 अप्रैल को मामले में सजा सुनाई जाएगी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, लुधियाना कोर्ट के सेशन जज मुनीष सिंघल ने 12 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए 35 साल की नीलम को दोषी ठहराया। नीलम ने 28 नवंबर 2021 को सलेम टाबरी इलाके में बच्ची को गड्ढा खोदकर जिंदा दफना दिया था।
पुलिस के मुताबिक, नीलम ने परिवार के साथ पुरानी दुश्मनी के चलते बच्ची के मर्डर का प्लान बनाया था। घटना से कुछ दिन पहले नीलम का बच्ची के पिता हरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी से मामूली बात पर झगड़ा हो गया था। इसके बाद उसने सलेम टाबरी के पास एक खेत में गड्ढा खोदकर बच्ची को जिंदा दफना दिया। बच्ची के अचानक गायब होने की जानकारी पुलिस को दी गई. सीसीटीवी खंगाले गए। उसमें दिखा कि नीलम बच्ची को स्कूटर पर ले जा रही है. इसके बाद पूछताछ के दौरान नीलम ने अपना अपराध कबूल कर लिया. उसने पुलिस को बच्ची की लोकेशन भी बताई।
बच्ची को निकाल कर दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमॉर्टम के दौरान बच्ची के सिर पर चोट के दो निशान भी मिले थे। एक माथे पर और एक सिर के पीछे। रिपोर्ट में पता चला कि वो चोटें किसी भारी चीज से मारने के चलते लगी है। मौत की वजह दम घुटना बताया गया।
लुधियाना के शिमलापुरी पुलिस स्टेशन में पहले नीलम के खिलाफ IPC की धारा 364 (हत्या के इरादे से अपहरण) के तहत FIR दर्ज की गई थी। बच्ची की मौत के बाद उस पर हत्या की धाराएं भी लगाई गईं।

