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Jalandhar: पंजाब सरकार द्वारा 2016 में बनाए गए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के तहत प्लास्टिक लिफाफों पर लगे प्रतिबंध को लागू करते समय नगर निगम ने पिछले वर्षों में कई टन प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया था। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि लाखों रुपए मूल्य का यह माल स्टाफ द्वारा खुर्द-बुर्द कर दिया गया, और आज तक किसी को इसकी जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई।
प्लास्टिक बाजार में बेचा या जब्त किए गए व्यक्ति को लौटाया गया?
सूत्रों के अनुसार, यह संभावना जताई जा रही है कि यह जब्त किया गया प्लास्टिक बाजार में बेच दिया गया या सस्ते दामों पर उसी व्यक्ति को लौटा दिया गया, जिससे इसे जब्त किया गया था। स्थिति यह हो गई कि अब तहबाजारी स्टोर रूम में नाममात्र ही प्रतिबंधित प्लास्टिक बचा है, जबकि रिकॉर्ड में टन के हिसाब से जब्ती दर्ज है।
मेयर वनीत धीर ने मांगा जवाब, स्टाफ ने टाला मामला
इस गंभीर मामले की जानकारी जब मेयर वनीत धीर तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत नगर निगम अधिकारियों से जवाब तलब किया। लेकिन स्टाफ ने गोलमोल जवाब देकर मामले को टालने की कोशिश की।

अब प्लास्टिक होगा नष्ट, निगम खरीदेगा श्रेडिंग मशीन
इस चोरी को देखते हुए मेयर वनीत धीर ने एक फूलप्रूफ सिस्टम तैयार किया है। इसके तहत अब जब्त किए गए प्रतिबंधित प्लास्टिक को नष्ट करने के लिए श्रेडिंग मशीन खरीदी जाएगी, ताकि यह दोबारा बाजार में न पहुंचे। माना जा रहा है कि क्रश किए गए प्लास्टिक से कई तरह के उत्पाद बनाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण को भी फायदा होगा।
अब देखना यह होगा कि क्या नगर निगम इस घोटाले में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई करता है या नहीं!

Author: Harsh Sharma
Journalist