जत्थेदार मंड ने सीएम मान को दिया स्पष्टीकरण का तीसरा मौका
वंदे भारत-सरबत खालसा की ओर से नियुक्त किए गए अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड ने सीएम भगवंत सिंह मान को स्पष्टीकरण का तीसरा मौका दिया है।
मान को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर गुरबाणी प्रसारण को लेकर विधानसभा में पास किए गए संशोधन बिल संबंधी स्पष्टीकरण देने के लिए 8 जुलाई को बुलाया था। मुख्यमंत्री मान के न पहुंचने पर जत्थेदार मंड ने पांच सिंह साहिब के साथ बैठक करने के बाद भगवंत सिंह मान को दोबारा 19 जुलाई को स्पष्टीकरण देने का हुकुमनामा जारी किया है। उन्होंने कहा कि अगर 19 जुलाई को मान अकाल तख्त पर पेश नहीं होते तो उनके खिलाफ पंथक मर्यादा के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

जत्थेदार मंड पहले हरिमंदिर साहिब माथा टेकने के लिए गए थे। इसके बाद अपने समर्थकों के साथ अकाल तख्त साहिब के सामने बैठकर चर्चा की। बाद में अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के बाहर मान के पेश न होने के संबंध में अपना फैसला सुनाया। मंड ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री मान इस आदेश की अनदेखी करते हैं, तो यह समझा जाएगा कि यह सिख रीति-रिवाजों और मर्यादा का सम्मान नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री मान जो जारी किए आदेशों पर जत्थेदार ध्यान सिंह मंड, भाई मोहन सिंह, भाई सतनाम सिंह मनावा, भाई बलजिंदर और भाई बलविंदर सिंह के हस्ताक्षर थे। इस दौरान सरबत खालसा के आयोजन जरनैल सिंह सखीरा आदि भी मौजूद रहे।

पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी तलब कर चुके हैं मंड
सरबत खालसा के जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड बरगाड़ी मामले में पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह रंधावा, विधायक हरमिंदर सिंह गिल आदि कांग्रेसी नेताओं को भी तलब कर चुके हैं। इस संबंध में इन नेताओं ने उस वक्त अपना स्पष्टीकरण पत्र भी मंड को भेजा था। यहां पर भगवंत मान के संबंध में मामला अलग है। क्योंकि भगवंत मान पतित सिख हैं इसलिए पंथक नियमों के अनुसार किसी भी पतित को अकाल तख्त साहिब पर तलब नहीं किया जा सकता है।
