30 रुपया दिहाड़ी से 17000 करोड के कारोबार तक का सफर, पढ़िए पंजाब के अंबानी की कहानी
वंदे भारत – यह कहानी पंजाब के राजिंदर गुप्ता की है1980 के दशक में ₹30 की दिहाड़ी कमाने वाला मजदूर आज ₹17000 करोड़ के कारोबारी साम्राज्य का मालिक है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गुप्ता पंजाब में सबसे अमीर व्यक्ति हैं और उनकी कुल संपत्ति ₹12368 करोड़ से अधिक है। उनकी पहचान “पंजाब के धीरूभाई अंबानी” के तौर पर भी है।राजिंदर गुप्ता ट्राइडेंट लिमिटेड के कॉर्पोरेट सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष और ट्राइडेंट समूह के अध्यक्ष, दोनों के रूप में कार्य करते हैं। साल 2007 में व्यापार और उद्योग क्षेत्र में उनके असाधारण कार्य के लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

वह चंडीगढ़ में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त हो चुके हैं। इसके अलावा फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) से भी जुड़े रहे हैं। यही नहीं, गुप्ता पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में व्यापार, इंडस्ट्री और कॉमर्स के प्रतिनिधि हैं। राजिंदर गुप्ता ने सीमेंट पाइप और मोमबत्तियों से जुड़कर अपनी यात्रा की शुरुआत ने की। उन्हें ₹30 प्रति दिन के हिसाब से मजदूरी मिलती थी। उन्होंने अभिषेक इंडस्ट्रीज का निर्माण किया। कुछ साल बाद गुप्ता ने अपने कारोबार को पंजाब और एमपी में अपनी फर्म को कपड़ा, कागज और कैमिकल सेक्टर में एक ग्लोबल लीडर के रूप में बदल दिया। गुप्ता के ट्राइडेंट ग्रुप के ग्राहकों में अब वॉलमार्ट, जेसीपीएनई और लक्ज़री और लिनन शामिल हैं।हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए 64 वर्षीय गुप्ता ने 2022 में ट्राइडेंट के निदेशक मंडल को छोड़ दिया, लेकिन समूह के चेयरमैन एमेरिटस बने हुए हैं। इसका मुख्यालय लुधियाना में है।
