LPG टैंकर ब्लास्ट: टोल बूथ से टकराते ही हुआ भीषण धमाका, CCTV फुटेज वायरल, 4 लोगों की मौत

LPG टैंकर ब्लास्ट का दिल दहला देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से सामने आया है। यहां एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) से भरा एक टैंकर टोल प्लाजा से टकराने के बाद भीषण विस्फोट का शिकार हो गया। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना का CCTV वीडियो अब सामने आया है, जिसमें दुर्घटना से लेकर धमाके तक का पूरा घटनाक्रम कैद है।
यह हादसा 26 जून की सुबह करीब 6:40 बजे हुआ था, लेकिन इसका CCTV फुटेज अब सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य हादसे की भयावहता को बयां करते हैं।
कैसे हुआ LPG टैंकर ब्लास्ट?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुबह के समय दो एलपीजी टैंकर टोल प्लाजा की ओर बढ़ रहे थे। करीब 24 सेकंड के CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि दोनों टैंकर सामान्य गति से आगे बढ़ रहे हैं। इसी दौरान एक टैंकर अचानक अनियंत्रित हो जाता है।
टैंकर पहले सड़क के डिवाइडर से टकराता है और फिर सीधे टोल बूथ में जा घुसता है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद टैंकर से गैस का रिसाव शुरू हुआ और कुछ ही क्षणों में भीषण विस्फोट हो गया।
धमाके के बाद पूरे टोल प्लाजा क्षेत्र में आग की ऊंची लपटें और घना धुआं फैल गया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए।
CCTV फुटेज में कैद हुआ भयावह मंजर
LPG टैंकर ब्लास्ट का CCTV वीडियो हादसे की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दिखाता है। वीडियो में पहले टैंकर का नियंत्रण खोना, फिर टोल बूथ से टकराना और उसके तुरंत बाद विस्फोट होना दिखाई देता है।
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास का पूरा इलाका धुएं और आग की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें करीब दो किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रही थीं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को देखकर लोग हादसे की भयावहता पर चिंता जता रहे हैं और भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
हादसे में 4 लोगों की मौत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस भीषण LPG टैंकर ब्लास्ट में टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे (40) और टोल प्लाजा कर्मचारी आलोक की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके अलावा टोल प्लाजा पर ड्यूटी कर रहे कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान दो और कर्मचारियों ने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या चार हो गई।
कई अन्य घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा
धमाके की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग इतनी भीषण थी कि जिले की सभी उपलब्ध फायर ब्रिगेड यूनिट्स को मौके पर बुलाया गया।
काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके को खाली कराया गया और यातायात को दूसरे मार्गों पर डायवर्ट किया गया।
टोल प्लाजा से वाहनों को बिना शुल्क निकाला गया
हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। वाहनों की आवाजाही सामान्य करने के लिए प्रशासन ने कुछ समय तक टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को बिना टोल शुल्क के निकलने की अनुमति दी।
इस फैसले से जाम की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली और राहत एवं बचाव कार्य भी तेजी से जारी रखा जा सका।
हादसे की जांच के लिए बनाई गई तकनीकी टीम
प्रशासन ने LPG टैंकर ब्लास्ट के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एक तकनीकी जांच टीम गठित की है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि टैंकर चालक ने नियंत्रण कैसे खोया, क्या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी या हादसे के पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।
जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि एलपीजी जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का परिवहन करते समय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना कितना आवश्यक है। यदि सुरक्षा में थोड़ी भी चूक हो जाए तो उसका परिणाम बेहद भयावह हो सकता है।

