Ripan Property Dealer विवाद: जालंधर में व्यक्ति ने खुद को आग लगाने की कोशिश, पुलिस ने बचाई जान
जालंधर में Ripan Property Dealer से जुड़े एक प्रॉपर्टी विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब एक व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को आग लगाने की कोशिश की। यह घटना शहर के व्यस्त गुरु रविदास चौक पर हुई, जहां पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली कि समय रहते व्यक्ति को बचा लिया गया।


पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की पहचान सोनू निवासी कोट सदीक के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से चल रहे प्रॉपर्टी विवाद के कारण मानसिक रूप से परेशान था। इसी तनाव के चलते उसने सार्वजनिक स्थान पर खुद को आग लगाने का प्रयास किया।
H2: गुरु रविदास चौक पर हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा
जानकारी के मुताबिक, गुरु रविदास चौक पर पुलिस की नाकेबंदी चल रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एसआई नत्थू सभ्रवाल और उनकी टीम ने देखा कि एक व्यक्ति हाथ में कैन लिए हुए शोर मचा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने जब उसकी गतिविधियों पर नजर रखी तो पाया कि वह अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए व्यक्ति को काबू कर लिया और संभावित हादसे को टाल दिया। इसके बाद उसे सुरक्षित थाना भार्गव कैंप भेज दिया गया, जहां उससे पूछताछ की गई।
H2: Ripan Property Dealer के साथ प्रॉपर्टी लेन-देन का विवाद
पूछताछ के दौरान सोनू ने बताया कि उसने मॉडल हाउस क्षेत्र में स्थित Ripan Property Dealer के माध्यम से लगभग ढाई मरले का एक प्लॉट चार लाख रुपये में खरीदा था। उसने दावा किया कि प्लॉट की कीमत चुकाने के लिए उसने 36 किश्तों की योजना के तहत भुगतान किया था, जिनमें से केवल तीन से चार किश्तें ही बाकी थीं।
सोनू के अनुसार, वह पिछले तीन दिनों से प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय के चक्कर लगा रहा था ताकि प्लॉट की रजिस्ट्री करवा सके। उसका कहना है कि उसे अपने बयाने से जुड़े दस्तावेज नहीं मिल रहे थे, इसलिए उसने डीलर से उन दस्तावेजों की मांग की थी।
H2: पत्नी के नाम रजिस्ट्री होने का आरोप
सोनू ने आरोप लगाया कि जब वह दस्तावेज लेने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने पहुंचा तो उसे पता चला कि प्लॉट की रजिस्ट्री उसकी पत्नी के नाम पर कर दी गई है। उसने दावा किया कि प्लॉट की किश्तें वह स्वयं भरता रहा और सभी भुगतान उसी के द्वारा किए गए थे।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने इस बारे में सवाल उठाया तो उसे कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया। उसने यह भी कहा कि डीलर की ओर से उसे बताया गया कि यदि वह अपनी पत्नी को साथ लेकर आएगा तभी उसे संबंधित दस्तावेज दिए जाएंगे।
H2: पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना के बाद थाना भार्गव कैंप पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के दस्तावेजों और दावों की जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल व्यक्ति सुरक्षित है और उससे विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही प्रॉपर्टी लेन-देन से जुड़े सभी दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी ताकि विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
H2: पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
सोनू का कहना है कि उसने वर्षों तक मेहनत की कमाई से किश्तें जमा कीं और प्लॉट खरीदा। उसका दावा है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान सभी दस्तावेजों में उसका नाम और पहचान संबंधी कागजात लगाए गए थे। ऐसे में वह चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और उसे उसका अधिकार दिलाया जाए।
वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर प्रॉपर्टी लेन-देन में पारदर्शिता और दस्तावेजों की सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है।

