सोना-चांदी के भाव: 24 कैरेट गोल्ड ₹1.50 लाख से नीचे, चांदी भी हुई सस्ती
सोना-चांदी के भाव में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय सर्राफा बाजार में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन सोने और चांदी दोनों की कीमतों में कमी देखने को मिली। ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे आ गई है, जबकि चांदी का भाव भी ₹2.44 लाख प्रति किलोग्राम से कम दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की बदलती रणनीतियों का असर घरेलू बाजार पर दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि हाल के दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
सोना-चांदी के भाव में कितनी आई गिरावट?
सोना-चांदी के भाव में आई ताजा गिरावट की जानकारी इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई है। 18 जून 2026 को जारी रेट्स के अनुसार सोने और चांदी दोनों की कीमतों में कमी दर्ज की गई।
24 कैरेट शुद्धता वाला सोना अब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत भी घटकर ₹2.44 लाख प्रति किलोग्राम से कम हो गई है।
यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो निवेश या शादी-ब्याह के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं।
22 कैरेट सोने का क्या है भाव?
सोना-चांदी के भाव के साथ-साथ 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 916 शुद्धता वाला 22 कैरेट सोना ₹1.36 लाख प्रति 10 ग्राम से अधिक के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
22 कैरेट सोना भारतीय बाजार में सबसे अधिक खरीदा जाने वाला गोल्ड माना जाता है क्योंकि इसका उपयोग आभूषण बनाने में व्यापक रूप से किया जाता है।
सोना-चांदी के भाव कौन तय करता है?
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल होता है कि सोना-चांदी के भाव कैसे तय होते हैं और इन्हें कौन जारी करता है। भारत में इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) रोजाना सोने और चांदी के मानक भाव जारी करता है।
IBJA द्वारा जारी दरें पूरे देश में मान्य मानी जाती हैं और इन्हीं को आधार बनाकर बाजार में खरीद-बिक्री की जाती है।
दिन में दो बार अपडेट होते हैं रेट
IBJA की वेबसाइट पर सोमवार से शुक्रवार तक सुबह और शाम दो बार सोना और चांदी के रेट अपडेट किए जाते हैं। हालांकि केंद्र सरकार की घोषित छुट्टियों और सप्ताहांत के दिनों में नए रेट जारी नहीं किए जाते।
इस वजह से निवेशकों और व्यापारियों को बाजार की ताजा स्थिति जानने में आसानी होती है।
सोना-चांदी के भाव पर किन कारणों का पड़ता है असर?
सोना-चांदी के भाव कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों से प्रभावित होते हैं। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में बदलाव, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की नीतियां कीमतों को प्रभावित करती हैं।
जब वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की मांग बढ़ती है तो कीमतें ऊपर जाती हैं। वहीं निवेशकों की बिकवाली या आर्थिक स्थिरता के संकेत मिलने पर कीमतों में गिरावट आ सकती है।
निवेशकों की गतिविधियां भी हैं महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े निवेशकों और फंड हाउस की गतिविधियां भी सोना-चांदी के भाव को प्रभावित करती हैं। यदि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं तो इसकी कीमत बढ़ सकती है।
इसके विपरीत, शेयर बाजार में तेजी या अन्य निवेश विकल्पों के आकर्षक होने पर सोने की मांग कम हो सकती है।
आभूषण खरीदने वालों को क्या रखना चाहिए ध्यान?
सोना-चांदी के भाव जानना महत्वपूर्ण है, लेकिन आभूषण खरीदते समय केवल बेस रेट पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होता।
IBJA द्वारा जारी कीमतों में जीएसटी और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। इसलिए जब ग्राहक ज्वेलरी खरीदने जाते हैं तो उन्हें अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ता है।
खरीदारी से पहले ग्राहकों को सोने की शुद्धता, हॉलमार्किंग और मेकिंग चार्ज की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए ताकि उन्हें सही कीमत पर गुणवत्तापूर्ण आभूषण मिल सके।
आगे क्या रह सकता है बाजार का रुख?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में सोना-चांदी के भाव वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की रणनीतियों पर निर्भर करेंगे।
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने और चांदी की मांग फिर बढ़ सकती है। वहीं आर्थिक स्थिरता और डॉलर की मजबूती कीमतों पर दबाव बना सकती है।
फिलहाल बाजार में आई इस गिरावट को खरीदारों के लिए एक सकारात्मक अवसर माना जा रहा है। जो लोग निवेश या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, वे मौजूदा कीमतों का लाभ उठा सकते हैं।

