आधी रात का कहर: गोवा क्लब में भीषण आग, 23 की मौत—लापरवाही ने ली मासूम ज़िंदगियाँ
गोवा में मंगलवार की आधी रात उस समय भयावह हड़कंप मच गया जब शहर के लोकप्रिय ब्लू फ्लेम नाइट क्लब में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरे परिसर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में कुल 23 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएँ भी शामिल हैं। आग की तीव्रता इतनी थी कि कई लोग बचाव दल के पहुँचने से पहले ही अंदर फँस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे क्लब में संगीत कार्यक्रम चल रहा था और करीब 70 से अधिक लोग मौजूद थे। तभी मंच के पास अचानक चिंगारी उठी और देखते ही देखते आग ने तेजी से पूरे हॉल को घेर लिया। भीड़ में अफरा-तफरी मच गई और लोग बाहर निकलने के लिए भागने लगे, लेकिन धुएँ और गर्मी के कारण कई लोग बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
दमकल विभाग की 8 गाड़ियों ने लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, बचाव कर्मियों ने स्वीकार किया कि क्लब का मुख्य आपातकालीन द्वार अवरुद्ध था, जिससे हालात और बदतर हो गए। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आ रही है—विशेष रूप से फायर अलार्म सिस्टम और इमरजेंसी निकास में घोर लापरवाही।
राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवज़ा घोषित किया है और कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने इस त्रासदी को “पूरी तरह मानवीय लापरवाही का परिणाम” बताते हुए ऐसे सभी क्लबों की त्वरित सुरक्षा जांच की मांग की है।
गोवा की यह रात हमेशा एक दर्दनाक याद के रूप में दर्ज हो गई है, जहाँ जश्न की धुनें पलभर में मातम की चीख़ों में बदल गईं।

