MLA और MLC की रिव्यू मीटिंग में भिड़ंत, हंगामा
5. JAN.जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित रिव्यू मीटिंग उस समय विवादों में घिर गई, जब बैठक के दौरान विधायक (MLA) और विधान परिषद सदस्य (MLC) के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामूली बहस ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया और बैठक हंगामे में बदल गई।
जानकारी के अनुसार, बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, बजट खर्च और अधिकारियों की कार्यशैली पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान एक योजना के क्रियान्वयन को लेकर MLC ने सवाल उठाए और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस पर MLA ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि आवाजें ऊंची होने लगीं। कुछ देर तक बैठक का माहौल तनावपूर्ण रहा। अधिकारियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बहस रुकने का नाम नहीं ले रही थी। स्थिति को संभालने के लिए बैठक कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

घटना के बाद मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में असहजता देखी गई। कुछ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आपसी राजनीतिक खींचतान का असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। वहीं, बैठक में मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों ने संयम बरतने की अपील की।
बाद में दोनों पक्षों ने मीडिया से बातचीत में अपने-अपने तर्क रखे। MLA ने कहा कि वे विकास कार्यों में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं करेंगे, जबकि MLC ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया।
इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक बैठकों में अनुशासन और संवाद की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

