थोपने की राजनीति पर राज ठाकरे का तीखा बयान
12..jan..मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भाषा और सांस्कृतिक पहचान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “अगर इसे थोपने की कोशिश करोगे तो मैं आपको लात मारूंगा।” उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस को जन्म दे दिया है।
राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की पहचान मराठी भाषा और संस्कृति से जुड़ी है और किसी भी तरह से उस पर बाहरी दबाव या थोपने की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में विविधता है और हर राज्य की अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराएं हैं, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए। जबरन किसी एक भाषा या विचारधारा को लागू करने की कोशिश समाज में तनाव पैदा करती है।
MNS प्रमुख ने यह भी कहा कि वे हिंदी या किसी अन्य भाषा के विरोधी नहीं हैं, लेकिन मराठी भाषा का अपमान या उसे हाशिए पर डालने की कोशिश स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि संघर्ष वैचारिक होना चाहिए, न कि हिंसक।
राज ठाकरे के इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ दलों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना भाषा करार दिया, जबकि उनके समर्थकों का कहना है कि राज ठाकरे ने मराठी अस्मिता की रक्षा के लिए साफ और दो टूक बात कही है। सोशल मीडिया पर भी यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है और लोग पक्ष-विपक्ष में अपनी राय रख रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए भाषा और पहचान का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ सकता है, और राज ठाकरे का यह बयान उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

