किसानों के दिल्ली कूच ऐलान के बाद पुलिस अलर्ट, बॉर्डर पर बढ़ी निगरानी
वंदे भारत (हर्ष शर्मा) किसान संगठन अपनी तमाम मांगों को लेकर दिल्ली कूच करने की तैयारी में है| किसानों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने टिकरी, सिंघू और गाजीपुर सीमाओं और रेलवे और मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी है|3 मार्च को किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों से आज दिल्ली पहुंचने की अपील की है |
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पंजाब में विभिन्न किसान संगठनों द्वारा दिए गए दिल्ली चलो मार्च के मद्देनजर राजधानी के रेलवे स्टेशनों और अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों (आईएसबीटी) पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. शहर पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए रेलवे स्टेशनों और आईएसबीटी पर टीमें तैनात की गई हैं|
ट्रेनों और बसों से दिल्ली पहुंचने की अपील
दरअसल बीते 3 मार्च को देश भर के किसानों से बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इकट्ठा होने और ट्रेनों और बसों से पहुंचने की अपील की है. प्रमुख तौर पर किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा संगठन किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. इस बीच पुलिस उपायुक्त (रेलवे) केपीएस मल्होत्रा ने कहा कि किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. हम यात्रियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं. इसके साथ बॉर्डरों पर सक्रियता बढ़ा दी गई है|

सरकार और किसानों के बीच बातचीत बेनतीजा
किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली चलो विरोध प्रदर्शन शुरू किया लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें हरियाणा और पंजाब की सीमा पर रोक दिया, जिससे कई झड़पें हुई थी. किसान तब से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर रुके हुए हैं. प्रदर्शनकारी किसानों और केंद्र ने अब तक अपनी मांगों को लेकर कम से कम पांच दौर की बातचीत की है लेकिन कोई कोई बीच का रास्ता नहीं निकला. पिछले दिनों आंदोलन के दौरान पंजाब-हरियाणा सीमा पर किसान प्रदर्शनकारियों के कंक्रीट ब्लॉक, कंटीले तारों और आंसू गैस के साथ सामना पड़ा, जिसके बाद किसान नेताओं ने फैसला किया कि प्रदर्शनकारी बसों और ट्रेनों से दिल्ली जाएंगे|
