शहीद परिवारों ने लौटाए सम्मान ,
लुधियाना की पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित सरकारी सम्मान समारोह हंगामे में बदल गया। यह समारोह स्वतंत्रता सेनानी और शहीद परिवारों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था, जिसके मुख्य अतिथि पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं आप नेता अमन अरोड़ा थे।
समारोह के दौरान शहीद परिवारों और स्वतंत्रता सेनानी आश्रितों ने गंभीर अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए सरकार द्वारा दिए गए सम्मान चिह्न और तोहफे फेंक दिए। लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
गुस्साए परिवारों का कहना था कि न तो बैठने की उचित व्यवस्था की गई, न ही धूप से बचाव के लिए पर्याप्त टेंट लगाए गए। सुबह 8 बजे से बैठे परिवारों के लिए भोजन और पानी तक का पुख्ता इंतज़ाम नहीं था। कई लोगों को तो एक बोतल पानी देने के बाद और पानी भी उपलब्ध नहीं कराया गया। इतना ही नहीं, सम्मान चिह्न और तोहफे भी कम पड़ गए, जिससे कई परिवार निराश हो गए।
शिकायत यह भी रही कि यूनिवर्सिटी गेट पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने परिवारों को अंदर आने में परेशान किया, जबकि वे सरकार द्वारा जारी शिनाख्ती कार्ड दिखा रहे थे।
इस मौके पर स्वतंत्रता सेनानी आश्रित संघ पंजाब के जिला प्रधान चेतनदीप सिंह और प्रेस सचिव मंदीप सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने पहले ही दावा किया था कि सभी प्रबंध मुकम्मल हैं। लेकिन हकीकत इसके उलट रही और परिवारों का अपमान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने पिछले साढ़े तीन सालों में उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की और अब सम्मान समारोह भी उपेक्षा का शिकार बन गया।
हंगामे के बीच मंत्री अमन अरोड़ा ने हाथ जोड़कर सबको शांत करने की कोशिश की और माना कि सरकार और जिला प्रशासन कार्यक्रम के प्रबंधों में नाकामयाब रहे हैं। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।
समारोह में डीसी हिमांशु जैन, पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा सहित अन्य जिला अधिकारी भी मौजूद रहे।
