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फरीदकोट में कारगिल सैनिक ने प्रशासन को लौटाया सम्मान पदक,सीएम से मुलाकात न करवाए जाने से रोष,

December 1, 2025 5:16 am

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वन्दे भारत 24 : फरीदकोट में कारगिल वीरता पुरस्कार से सम्मानित भारतीय वायु सेवा के सेवामुक्त अधिकारी कृष्ण सिंह ढिल्लों ने स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री से मुलाकात ना करवाए जाने की रोष में जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सम्मान पदक को वापस लौटने की घोषणा की है। इस समारोह के दौरान कारगिल के बहादुर सैनिकों और शहीदों की विधवाओं को मुख्यमंत्री की जगह एडीसी से पदक दिलवाए गए और उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात भी नहीं करवाई गई। प्रशासन के इस रवैए पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बुधवार को कृष्ण सिंह ढिल्लों ने जिला प्रशासन द्वारा दिए गए पदक को वापस लौटने का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार 20 वर्षों तक भारतीय वायु सेवा में सेवा करने के बाद कैबिनेट सचिवालय ( पीएमओ) में बतौर सीनियर फ्लाइट इंजीनियर की सेवाएं निभाने वाले फरीदकोट के गांव गुरुसर निवासी कृष्ण सिंह ढिल्लों को कारगिल युद्ध के बाद राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से नवाजा गया था। कैबिनेट सचिवालय में सेवाओं के लिए भी उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उत्तम सेवा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इस बार 15 अगस्त को फरीदकोट के नेहरू स्टेडियम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में कारगिल युद्ध के बहादुर सैनिकों और सैनिकों की विधवाओं को मुख्यमंत्री भगवंत मान से सम्मानित करवाने के लिए आमंत्रित किया गया था।

इस मामले में कृष्ण सिंह ढिल्लों ने बताया कि जिला प्रशासन ने बाकायदा निमंत्रण पत्र भेज कर उन्हें बुलाया ताकि उन्हें मुख्यमंत्री से सम्मानित करवाया जा सके। उस दिन जब वह समारोह स्थल पर पहुंचे तो उन्हें पहले तो गेट पर ही रोक दिया गया और बाद में समारोह स्थल में मुख्यमंत्री की जगह अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने उन्हें सम्मान पदक प्रदान कर दिए। जब उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने की मांग रखी तो जिला प्रशासन ने उनकी मुलाकात नहीं करवाई। प्रशासन के इस रवैया से उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें समारोह में बुलाकर सम्मानित करने की जगह अपमानित किया गया है।
उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के बहादुर सैनिकों और शहादत देने वाले सैनिकों की विधवाओं को प्रशासन ने आमंत्रित करके योग्य सम्मान नहीं दिया जिसके चलते उन्होंने फैसला किया है कि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए पदक को वह वापस करेंगे। उन्होंने पदक वापिस भेजने के साथ साथ डिप्टी कमिश्नर फरीदकोट व मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र भी भेजा है।

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