वन्दे भारत 24 : जालंधर । पंजाब यूथ कांग्रेस के सचिव अंगद दत्ता ने आरोप लगाया है कि पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (पिम्स) के एमबीबीएस इंटर्न्स के साथ मिलकर किए जा रहे शांतिपूर्ण विरोध को दबाने की कोशिश की गई।
अंगद दत्ता का कहना है कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के पिम्स दौरे के दौरान, वे मंत्री से मिलकर इंटर्न्स को निर्धारित पूरे स्टाइपेंड का भुगतान न होने का मुद्दा उठाना चाहते थे। सरकार और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इंटर्न्स को ₹22,000 मासिक स्टाइपेंड मिलना चाहिए, लेकिन पिम्स प्रशासन उन्हें इससे काफी कम राशि दे रहा है।
दत्ता के अनुसार, विरोध शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपकर करने की योजना थी, लेकिन सुबह 11:35 बजे SHO-7 और स्थानीय पुलिस ने उन्हें घर में नज़रबंद कर दिया, जिससे वे विरोध स्थल तक नहीं पहुँच पाए। बाद में, SHO की अनुमति से पिम्स के पाँच इंटर्न्स ने मंत्री से मुलाकात की और मुद्दा रखा।
उन्होंने कहा, “यह घटना दर्शाती है कि सच्चाई को सामने आने से रोकने की कोशिश की जा रही है। इंटर्न्स की लड़ाई न्याय, सम्मान और बराबरी के लिए है। आज की यह कार्रवाई हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।”
यूथ कांग्रेस और पिम्स इंटर्न्स ने पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री, राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय से अपील की है कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने की घटनाएं दोहराई न जाएं और पिम्स तुरंत स्टाइपेंड आदेश का पालन करे।
