जापानी ट्री फ्रॉग के बैक्टीरिया ने चूहों में कैंसर ट्यूमर को पूरी तरह मिटाया: वैज्ञानिकों ने की रोमांचक खोज
26…दिसंबर..वैज्ञानिकों ने जापानी ट्री फ्रॉग (Dryophytes japonicus) के आंत में पाए गए एक बैक्टीरिया को कैंसर से लड़ने में बेहद शक्तिशाली पाया है, जो चूहों में ट्यूमर को पूरी तरह खत्म करने में सक्षम रहा है। यह खोज कैंसर शोध के क्षेत्र में एक बेहद उत्साहजनक कदम मानी जा रही है।
जापान एडवांस्ड इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने ट्री फ्रॉग, न्यूट और छिपकली से कुल 45 अलग-अलग बैक्टीरिया की प्रजातियों को अलग किया और उनमें से 9 को ट्यूमर के विरुद्ध क्षमता के लिए चुना। इन बैक्टीरिया में से Ewingella americana नामक प्रजाति सबसे अधिक प्रभावी साबित हुई।
शोध में यह बैक्टीरिया सीधे इंटरवेनस (IV) इंजेक्शन के रूप में चूहों को दिया गया। परिणाम शानदार रहे — सभी परीक्षण चूहों के ट्यूमर तेजी से सिकुड़ने लगे और अंततः पूरी तरह गायब हो गए। गंभीर साइड इफेक्ट्स भी नहीं देखे गए, जिससे इस पद्धति की सुरक्षा पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बैक्टीरिया दो तरह से काम करता है:
- यह ट्यूमर के आसपास जमा होकर प्रत्यक्ष रूप से कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाता है।
- यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करता है ताकि इम्यून सेल (जैसे T सेल, B सेल, न्यूट्रोफिल) ट्यूमर से लड़ने में और अधिक प्रभावी हो सकें।
रोचक बात यह है कि उपचार के बाद चूहों को पुनः कैंसर कोशिकाएँ देने पर नये ट्यूमर विकसित नहीं हुए, जिससे यह संकेत मिलता है कि इलाज से शरीर में एक मजबूत बचाव तंत्र भी विकसित हो सकता है।
हालांकि यह शोध अभी शुरुआती चरण में है और मनुष्यों पर परीक्षण से पहले और गहराई से अध्ययन की आवश्यकता है, लेकिन यह खोज कैंसर उपचार की दिशा में एक नए और संभावित रूप से प्रभावी जैविक विकल्प की ओर संकेत करती है।
इस तरह की खोजों से न केवल कैंसर के इलाज के विकल्प बढ़ेंगे, बल्कि बैक्टीरिया और माइक्रोबायोटा आधारित चिकित्सा के क्षेत्र में भी नए शोध के द्वार खुलेंगे।

