15 साल बाद रविंदर धीर की भाजपा में वापसी, बदलेंगे शहर के राजनीतिक समीकरण
वंदे भारत- वीरवार को जालंधर में आयोजित भाजपा की जनसभा की सबसे बड़ी सफलता पार्टी के पुराने नेता रविंदर धीर की घर वापसी रही । व्यापारी नेता रविंदर धीर 15 साल बाद साथियों समेत भाजपा में लौटे हैं। रविंदर धीर के भाजपा में लौटने से शहर की राजनीति के भी समीकरण बदलेंगे। रविंदर धीर जुझारू नेता माने जाते हैं और जमीनी स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ है। अकेले दम पर पंजाब में खुद को मजबूत करने का प्रयास कर रही भाजपा के लिए रविंदर धीर काफी फायदेमंद हो सकते हैं।

सिद्धांतवादी नेता माने जाते रविंद्र धीर सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोलने में गुरेज नहीं करते और इसी वजह से सरकारों से उनका टकराव चलता रहता है। यहां तक कि साल 2008 में कारोबारियों को सरकार से राहत ना मिलने पर रविंदर धीर ने तब पंजाब की अपनी ही अकाली भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। तब रविंदर धीर भारतीय जनता पार्टी व्यापार मोर्चा के प्रधान थे और कारोबारियों के हित में सरकार से टकराव को देखते हुए खुद ही पद छोड़ दिया था।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने रविंदर धीर और उनके साथियों का स्वागत किया। पार्टी में लौटने पर रविंदर धीर ने कहा कि जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब में काफिला रोका गया था उस दिन मन बहुत विचलित हुआ था और तभी से सक्रिय राजनीति में वापस रुकने का मन बन रहा था।

इसके बाद हालात ऐसे बनते गए की पार्टी में वापस आ गए हैं। पंजाब में हालात ऐसे बन रहे हैं कि सभी वर्गों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा से दूर हुए थे तब भी ट्रेड और इंडस्ट्री का हित ही देखा था और अब भी ट्रेड और इंडस्ट्री के हित में ही सक्रिय राजनीति में लौटे हैं। पार्टी से 15 साल दूर रहने के बावजूद भाजपा से कभी संबंध नहीं टूटा
