सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति देख भड़के पंजाब के शिक्षा मंत्री, बीच में छोड़ा स्कूली दौरा
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (Govt School Kharar) का औचक निरीक्षण किया और वहां की बदहाल स्थिति देखकर भड़क गए. उन्होंने स्कूल की खराब हालत देख अपना दौरा बीच में ही छोड़ दिया और वास्तविक स्थिति जानने के लिए छठी, 7वीं और 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को अपने साथ सिविल साथ ले आए स्थिति को देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की.

सिविल सचिवालय में विद्यार्थियों से वॉशरूम की स्थिति, पढ़ाई, वर्दियों, किताबों, टेस्ट और सिलेबस संबंधी सिलसिलेवार जानकारी हासिल की और स्कूल में करवाई जाने वाली सह शैक्षिक गतिविधियों के बारे में बातचीत की विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूलों के कमरों में रौशनी का सही प्रबंध नहीं है और न ही उनको लैब्स में प्रयोग करवाए जाते हैं. विद्यार्थियों ने अन्य समस्याएं बताते हुए बताया कि बरसात के दिनों में गेट के आगे बहुत पानी जमा हो जाता है, जिस कारण स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा छुट्टी के समय और सुबह के समय स्कूल के मुख्य गेट के सामने बहुत ज्यादा यातायात होने के कारण भी दिक्कतें सामने आती हैं.

गौरतलब है कि सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल खरड़ में 3,300 के करीब विद्यार्थियों को 2 शिफ्टों में पढ़ाया जाता हैविद्यार्थियों से जानकारी हासिल करने के उपरांत स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों की तुरंत बैठक बुलाई गई, जिसमें विद्यार्थियों ने सभी समस्याओं के बारे में जानकारी दी. इस मौके पर हरजोत सिंह बैंस ने अधिकारियों को हिदायत दी कि सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल खरड़ की सभी समस्याओं को तुरंत हल किया जाए. वहीं, कुछ विद्यार्थियों को वर्दियां और किताबें आदि न मिलने संबंधी जांच करके संबंधित अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए
