शिवसेना नेता खुद निकला भगोड़ा; सुरक्षा के पुनर्मुल्यांकन के लिए कर रहा था प्रदर्शन, पुलिस ने किया गिरफ्तार
वंदे भारत :-पुलिस ने शिवसेना के ऐसे नेता को गिरफ्तार किया है, जिसको पुलिस की सुरक्षा मिली और वह अन्य नेताओं की सुरक्षा के पुनर्मुल्यांकन के लिए प्रदर्शन कर रहा था। उसकी मांग थी कि सबसे पहले उसकी सुरक्षा को बढ़ाया जाए।
पुलिस ने जब उसकी सुरक्षा का रिव्यू किया तो पता चला कि वह तो हथियार रखने के एक मामले में 13 साल से भगोड़ा है तथा करीब दो साल से पुलिस की सुरक्षा को लेकर घूम रहा है।
अदालत ने दिए जेल भेजने के आदेश

इस पर पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे जेल भेजने के आदेश दिए हैं। आरोपित की पहचान शिवसेना पंजाब के नेता हेमंत ठाकुर के रूप में हुई है। खास बात यह है कि हेमंत को दो साल पहले दो सुरक्षा कर्मचारी मुहैया करवाए गए थे।
इनमें से एक को हाल ही में पुलिस ने वापस बुला लिया था। वह मांग कर रहा था कि उसकी सुरक्षा को बढ़ाया जाए। दरअसल, गर्म ख्यालियों के खिलाफ बोलने वाले गुरसिमरन सिंह मंड को वाई क्षेणी की सुरक्षा कुछ समय पहले दी गई है।
कुछ दिनों पहले हुआ था खूब हंगामा

यह बात शहर के ही कुछ शिव सैनिकों को रास नहीं आ रही थी। सभी की सुरक्षा का मुद्दा उठाकर दो युवा शिव सैनिकों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर कुछ दिनों पहले खूब हंगामा किया था। उन दो युवकों में शिवसेना पंजाब का सदस्य रहे हेमंत ठाकुर भी मौजूद था। उसने दावा किया था कि बहुत से लोग खुद को धमकियां आने की बात कहकर गनमैन लेते हैं और पुलिस उन्हें सुरक्षा मुहैया भी करवाती है।
उसने इस संबंधी पुलिस कमिश्नर को शिकायत भी दी थी और आफर तक कर दी थी कि सबसे पहले वह अपनी जांच के लिए तैयार है। इस दौरान जांच हुई तो पता चला कि हेमंत ठाकुर के खिलाफ ही 2010 में चाकू लेकर घूमने पर आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। इसमें उसके द्वारा करवाई जमानत खारिज हो गई थी और अदालत की तरफ से उसे भगोड़ा करार दिया गया था।
शिवसेना पंजाब के अध्यक्ष ने कहा, हेमंत का उनसे कोई नाता नहीं

शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव टंडन का कहना है कि हेमंत ठाकुर उनकी पार्टी से इस्तीफा दे चुका है और उसका उनके साथ कोई नाता नहीं है। उधर, पुलिस कमिश्नर मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि भले किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है और उसकी जान को खतरा है तो उसे सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है। कई लोगों के पास तो अदालत के आदेश पर ही सुरक्षा दी गई है। मगर हम इसका भी रिव्यू कर रहे हैं कि भगोड़ा होने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
