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लड़की से दुष्कर्म मामले में SSP का आया बयान, आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

वन्दे भारत 24: जालंधर। फिल्लौर की युवती को नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने और उसकी अश्लील वीडियो बनाने के मामले ने महिला आयोग ने एक्शन ले लिया है। इस मामले में आज ही पंजाब राज्य महिला आयोग ने सुओ मोटो संज्ञान लिया है और सख्त कार्रवाई की मांग की थी। वहीं दूसरी ओर देहात पुलिस ने भी इस मामले में एक्शन लिया है। फोन पर बातचीत करते हुए एसएसपी हरविंदर विर्क ने बताया कि इस मामले में शामिल दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान 18 वर्षीय प्रभजीत सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी नकोदर और 19 वर्षीय इंद्रजोत सिंह पुत्र पलविंदर सिंह निवासी कंगनीवाल, जमशेर, जालंधर के रूप में हुई है।
इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि बुधवार तड़क सार आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है, दोनों आरोपी जालंधर जिले के रहने वाले हैं, दोनों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। वहीं महिला आयोग द्वारा पुलिस को भेजे गए नोटिस को लेकर एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि फिलहाल उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर नबंर 76 नंबर दर्ज की गई है।

बता दें कि इससे पहले महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने पत्र जारी करते हुए कहा था कि युवती के साथ हुई घटना बेहद शर्मनाक है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। आयोग ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों और पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। जल्द से जल्द पुलिस को सारे मामले की रिपोर्ट सौंपनी होगी। दरअसल, आरोप है कि 19 साल की पीड़िता को पहले नशीला पदार्थ पिलाया गया और फिर उसके साथ रेप कर वीडियो बनाया गया। यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिससे पीड़िता और उसका परिवार मानसिक रूप से बेहद आहत है।

आयोग ने पुलिस और प्रशासन से पूछा है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आयोग ने साफ किया कि यदि पुलिस इस मामले में तुरंत सख्त कदम नहीं उठाती तो आयोग खुद आगे दखल देगा। पंजाब महिला आयोग ने पुलिस प्रशासन को आदेश दिया है कि मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 22 अगस्त 2025 तक आयोग को सौंपी जाए। आयोग ने कहा है कि पीड़िता को इंसाफ दिलाना उनकी प्राथमिकता है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

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