शाहरुख पर बयान, बांग्लादेशी खिलाड़ी पर संग्राम
2. JAN..हाल के दिनों में सोशल मीडिया और धार्मिक मंचों पर दिए गए बयानों ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर ‘संग्राम’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, तो दूसरी ओर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान पर कुछ धर्मगुरुओं ने तीखी टिप्पणियां करते हुए उन्हें ‘गद्दार’ तक कह दिया। इन बयानों के बाद देशभर में प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया है।
बताया जा रहा है कि बांग्लादेशी खिलाड़ी के एक बयान और उसके खेल के मैदान पर किए गए इशारों को कुछ धार्मिक संगठनों ने अपनी आस्था से जोड़कर देखा। इसके बाद कई मंचों से उसके खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया और इसे ‘धर्म के खिलाफ संग्राम’ करार दिया गया। हालांकि खेल विशेषज्ञों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे खेल को खेल की तरह देखने की अपील की है।
वहीं दूसरी तरफ, शाहरुख खान को लेकर दिए गए बयानों ने विवाद को और हवा दी। कुछ धर्मगुरुओं का आरोप है कि शाहरुख खान ने अपने बयानों और फिल्मों के जरिए एक विशेष विचारधारा को बढ़ावा दिया है, जो देशहित के खिलाफ है। इसी आधार पर उन्हें ‘गद्दार’ कहा गया। हालांकि शाहरुख खान या उनकी टीम की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इन बयानों पर कई बुद्धिजीवियों और धार्मिक नेताओं ने असहमति जताई है। उनका कहना है कि किसी कलाकार या खिलाड़ी को उसकी कला और प्रदर्शन के आधार पर आंका जाना चाहिए, न कि धर्म या राजनीति के चश्मे से। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग संयम और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या सार्वजनिक हस्तियों को हर मुद्दे पर निशाना बनाना सही है, या समाज को संवाद और समझदारी का रास्ता अपनाना चाहिए।

