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कॉल पर जबरन वसूली कर जुटाते थे फंड, आतंकी ‘डल्ला’ के दो साथियों के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट

वंदे भारत- भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए काम करने वाले मनप्रीत सिंह उर्फ पीटा और मनदीप सिंह को राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने पिछले महीने फिलीपींस से डीपोर्ट किया था.

आज दोनों के खिलाफ एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है. बता दें मनप्रीत सिंह उर्फ पीटा और मनदीप सिंह खालिस्तान आतंकवादी बल यानी केटीएफ के सदस्य हैं. एनआईए का कहना है कि दोनों सूचीबद्ध आतंकवादी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के सहयोगी हैं.

कनाडा में बैठकर कभी देश में बम ब्लास्ट की साजिश रचना तो कभी किसी की हत्या तो कभी पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई. पंजाब का गैंगस्टर अर्श डल्ला दहशत का दूसरा नाम बन गया है. यही वजह है कि अर्शदीप ऐनआईए की हिट लिस्ट में शामिल है. इसी बीच एनआईए ने आतंकी अर्शदीप सिंह के सहयोगी मनप्रीत सिंह ‘पीटा’ और मनदीप सिंह के खिलाफ आज आरोप पत्र दाखिल किया है. ऐसा कहा जाता है कि पीटा फिलीपींस में डल्ला का राइट हैंड बनकर काम करता था और केटीएफ के लिए फंड जमा करने की जिम्मेदारी भी उसी पर थी.

पीटा और मनदीप पर क्या है आरोप?

मनप्रीत सिंह उर्फ पीटा और मनदीप सिंह की तलाश लंबे समय से एनआईए को थी. इन दोनों को डल्ला का भरोसेमंद माना जाता है. एनआईए ने अपनी चार्जशीट में यह बताया है कि पीटा और मनदीप दोनों फिलीपींस से केटीएफ को मजबूत करने के लिए काम करते थे. सारा काम डल्ला के इशारे पर होता था. पीटा भारत-पाकिस्तान सीमा से हथियार इकट्ठा करने और केटीएफ के लिए धन जुटाने के लिए जबरन वसूली कॉल करने में शामिल था. बता दें कि एनआईए ने पिछले साल बड़ी सफलता हासिल करते हुए पीटा और मनदीप को फिलीपींस से भारत डीपोर्ट करवाया था.

क्या है केटीएफ?

केटीएफ का मतलब है खालिस्तान टाइगर फोर्स. भारत में खालिस्तानी आतंकवाद को बढ़ावा देने में इस संस्था का बहुत बड़ा हाथ है. फरवरी 2023 में, इसे भारत सरकार ने एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया था. खालिस्तान टाइगर फोर्स का गठन जगतार सिंह तारा ने किया था. तारा फिलहाल 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में शामिल होने के लिए भारत में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. केटीएफ का नाम जून 2023 में सुर्खियों में आया था जब केटीएफ के कथित प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. ऐसा कहा जाता है कि केटीएफ को पाकिस्तान की आईएसआई का समर्थन प्राप्त है. केटीएफ पंजाब में टारगेटेड हत्याओं के साथ-साथ कई आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता है.

 

कौन है अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला

अर्शदीप पंजाब में मोगा के डल्ला गांव का रहने वाला है. डल्ला गांव की वजह से ही इसका नाम अर्श डल्ला पड़ गया. कनाडा में अर्शदीप के साथ इसकी पत्नी और एक बेटी भी रहते हैं, जबकि इसके माता-पिता आज भी मोंगा में गांव में ही हैं. अर्श डल्ला एनआईए की हिट लिस्ट में शामिल गैंगस्टर है. डल्ला साल 2020 में पंजाब के मोगा से कनाडा फरार हो गया था. तब से ये वही खुद को छुपाए हुए है. खालिस्तान टाइगर फोर्स से अर्श डल्ला के रिश्ते कई बार सामने आए हैं. वह मुख्य रूप से आतंकी मॉड्यूल को खड़ा करने, सीमा पार से हथियारों की सप्लाई की व्यवस्था करने और धन जुटाने का काम करता है. उसपर टारगेट किलिंग, एक्सटॉर्शन, टेरर फंडिंग, हत्या की कोशिश जैसे संगीन आरोप लगे हैं.