Politics

बृजघाट में पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल की अस्थियों का वैदिक रीति से विसर्जन

हापुड़ के पवित्र बृजघाट में मंगलवार को पूर्व राज्यपाल और सुप्रसिद्ध विधिवेत्ता स्वराज कौशल की अस्थियों का गंगा में विसर्जन पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ किया गया। उनकी पुत्री और नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने भावुक वातावरण में परिवारजनों के साथ यह कर्म संपन्न किया। सुबह से ही घाट पर श्रद्धांजलि देने वालों का क्रम बनना शुरू हो गया था। बांसुरी स्वराज ने अस्थि-कलश को गंगा तट पर ले जाकर परंपरागत विधि के अनुसार पूजन किया और तत्पश्चात गंगा की धारा में प्रवाहित कर अपने दिवंगत पिता को अंतिम विदाई दी।

घाट पर मौजूद पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुद्धिकरण, संकल्प और तर्पण की विधियां सम्पन्न कराईं। मंत्रों की गूंज से पूरा बृजघाट कुछ देर तक श्रद्धा और आध्यात्मिकता के वातावरण में डूबा रहा। इस अवसर पर परिवार के करीबी सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के कई लोग उपस्थित रहे।

प्रशासन ने कार्यक्रम की गंभीरता और भीड़ को देखते हुए मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे. पुलिस बल और जल-Police की अतिरिक्त टीमें तैनात रहीं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। गंगा तट पर बैरिकेडिंग, भीड़-प्रबंधन और नावों की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी गई।

अस्थि-विसर्जन के बाद बांसुरी स्वराज ने मौजूद लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके पिता ने सदैव सेवा, सादगी और संवेदनशीलता को जीवन का आधार बनाया। बृजघाट में गंगा तट पर हुआ यह अंतिम संस्कार उनके आदर्शों के अनुरूप श्रद्धांजलि का शांत और गरिमामय अवसर बना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *