
वन्दे भारत 24: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। मंडी के बालीचौकी क्षेत्र में देर रात दो इमारतें ज़मीन धंसने से गिर गईं। इन इमारतों में 40 से अधिक दुकानें चल रही थीं, लेकिन खतरे की आशंका को देखते हुए इन्हें पांच दिन पहले ही खाली करा लिया गया था, जिस वजह से बड़ा नुकसान टल गया।
मनाली के बाहंग इलाके में एक रेस्टोरेंट और चार दुकानें ब्यास नदी के तेज बहाव में बह गईं। भारी बारिश के बाद ब्यास नदी उफान पर है और इसका पानी आलू ग्राउंड व बाहंग में हाईवे तक पहुंच गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने दोनों क्षेत्रों को रातों-रात खाली करवाया।
मनाली में ग्रीन टैक्स बैरियर के पास सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जबकि बिंदु ढांक के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा नदी में समा गया। प्रदेश भर में जगह-जगह भूस्खलन के कारण 750 से ज्यादा सड़कें बंद हैं।
शिमला समेत कई जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग शिमला ने चंबा और कांगड़ा जिलों में आज के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। कुल्लू और मंडी में ऑरेंज अलर्ट और ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर तथा लाहौल-स्पीति में येलो अलर्ट जारी किया गया है। एहतियातन शिमला, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू जिलों में सभी स्कूल और कॉलेजों में आज छुट्टी घोषित की गई है।
लाहौल-स्पीति में बर्फबारी
इसी बीच, लाहौल-स्पीति के शिंकुला दर्रे में 24 अगस्त की रात से लगातार बर्फबारी हो रही है। अब तक आधा फीट से ज्यादा ताज़ा हिमपात दर्ज किया गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
