धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान — वेद न मानने वालों के बच्चों पर टिप्पणी
15..jan..बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वेदों और सनातन परंपरा को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिसने राजनीति और सामाजिक मीडिया में हलचल पैदा कर दी है। शास्त्री ने कहा कि वेदों का ज्ञान और मान्यता सनातन परंपरा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और जो लोग वेदों को नहीं मानेंगे, उनके बच्चों का भविष्य अलग होगा। इस दौरान उन्होंने टिप्पणी की कि भविष्य में वेदों को न मानने वालों के बच्चे “जावेद” और “नावेद” बन सकते हैं।
उनका यह बयान राजस्थान के जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान आया, जहां उन्होंने बागेश्वर धाम में गुरुकुल खोलने की योजना का ऐलान भी किया। शास्त्री ने कहा कि गुरुकुल में वेद, पुराण और धर्मशास्त्रों की शिक्षा दी जाएगी ताकि सनातन संस्कृति की गहरी समझ अगली पीढ़ी तक पहुंच सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि वेद विद्या जीवन भर टिकती है और इसलिए इसका प्रचार-प्रसार जरूरी है।
बयान के बाद सोशल मीडिया और कुछ पक्षों में प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है, जहां कुछ लोगों ने इसे सांस्कृतिक चेतावनी बताया है, वहीं आलोचकों ने इसे विवादित और विभाजनकारी टिप्पणी करार दिया है। शास्त्री ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की महत्ता को समझाना है।
धीरेंद्र शास्त्री देशभर में सनातन परंपरा और वेदों के प्रचार के लिए सक्रिय हैं और उनके इस बयान ने एक बार फिर से धर्म, पहचान और शिक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। गुरुकुल जैसे पारंपरिक शिक्षण मॉडल को बढ़ावा देने का उनका यह कदम भी सुर्खियों में रहा है।

