Vat Purnima 2026: कब है वट पूर्णिमा? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और 5 राशियों पर महादेव की विशेष कृपा
Vat Purnima 2026 हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ पर्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का निवास होता है। इसलिए इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
साल 2026 की वट पूर्णिमा और भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि इस दिन तीन शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इन शुभ योगों में की गई पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं Vat Purnima 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, धार्मिक महत्व और किन राशियों को विशेष लाभ मिल सकता है।
Vat Purnima 2026: कब है वट पूर्णिमा?
द्रिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर Vat Purnima 2026 का पर्व मनाया जाएगा।
- व्रत की तिथि: 29 जून 2026 (सोमवार)
- पर्व: वट पूर्णिमा
यह पर्व मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। वहीं उत्तर भारत में ज्येष्ठ अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखने की परंपरा अधिक प्रचलित है।
Vat Purnima 2026: बन रहे हैं तीन शुभ संयोग
इस वर्ष Vat Purnima 2026 पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिनका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है।
इस दिन बनने वाले प्रमुख शुभ संयोग:
- शुक्ल योग
- ब्रह्म योग
- स्ट्रॉबेरी मून (पूर्णिमा)
मान्यता है कि इन शुभ योगों में भगवान शिव और वट वृक्ष की पूजा करने से पति की लंबी आयु, वैवाहिक सुख और परिवार में समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Vat Purnima 2026: पूजा विधि
Vat Purnima 2026 के दिन महिलाएं प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ एवं पारंपरिक वस्त्र धारण करती हैं।
पूजा की विधि इस प्रकार है:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- व्रत का संकल्प लें।
- पूजन सामग्री लेकर वट वृक्ष के पास जाएं।
- वृक्ष को जल अर्पित करें।
- हल्दी, कुमकुम, अक्षत और पुष्प अर्पित करें।
- वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत या कलावा लपेटते हुए परिक्रमा करें।
- सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण करें।
- भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें।
- आरती कर पति की लंबी आयु एवं सुखी दांपत्य जीवन की कामना करें।
- परंपरा अनुसार सास को बायना अर्पित करने का भी विशेष महत्व माना जाता है।
Vat Purnima 2026 का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सावित्री ने अपने पतिव्रत धर्म और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी कारण यह व्रत अखंड सौभाग्य और दांपत्य सुख का प्रतीक माना जाता है।
वट वृक्ष को त्रिदेव का स्वरूप माना जाता है। इसलिए इसकी पूजा करने से परिवार में सुख, शांति, धन और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
Vat Purnima 2026: इन 5 राशियों पर रहेगी महादेव की कृपा
मेष राशि
महादेव की कृपा से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होगी। नौकरी और व्यापार में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।
वृश्चिक राशि
आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। शिक्षा, करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं में किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।
मकर राशि
धन लाभ, पदोन्नति और नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने के संकेत हैं।
कुंभ राशि
भगवान शिव की कृपा से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में सफलता और सम्मान मिलने के योग हैं।
मीन राशि
आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक संतोष और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।
Vat Purnima 2026 का पर्व धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष 29 जून 2026 को पड़ने वाली वट पूर्णिमा पर शुक्ल योग, ब्रह्म योग और स्ट्रॉबेरी मून का दुर्लभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान शिव और त्रिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

