Jagtar Singh Hawara Parole: CM भगवंत मान ने राज्यपाल को लिखा पत्र, बीमार मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल की मांग
Jagtar Singh Hawara Parole: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने के मामले में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने हवारा की बीमार मां की स्थिति का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर उसे पैरोल देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने 10 दिन की पैरोल देने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री की ओर से राज्यपाल को भेजे गए पत्र के बाद यह मामला एक बार फिर पंजाब की राजनीति और कानूनी चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। हालांकि, पत्र में पैरोल की सिफारिश किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि पैरोल मंजूर हो गई है। अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।

Jagtar Singh Hawara Parole को लेकर CM ने क्या कहा?
Jagtar Singh Hawara Parole के संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मानवीय पक्ष को प्रमुखता दी है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि हवारा की मां की खराब सेहत को देखते हुए मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री की मांग का आधार परिवार से जुड़ा मानवीय पक्ष बताया गया है। बीमार मां की देखभाल और उनसे मिलने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पैरोल का अनुरोध किया गया है।
जगतार सिंह हवारा कौन है?

जगतार सिंह हवारा पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है और आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। 31 अगस्त 1995 को पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए बम विस्फोट में बेअंत सिंह की हत्या हुई थी। यह मामला पंजाब के इतिहास के सबसे चर्चित और संवेदनशील आपराधिक मामलों में से एक रहा है।
हवारा की जेल से अस्थायी रिहाई और पैरोल का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है। इस बार मुख्यमंत्री द्वारा राज्यपाल को पत्र लिखे जाने के बाद मामले पर फिर से ध्यान केंद्रित हुआ है।
Jagtar Singh Hawara Parole: अभी क्या हुआ है?
फिलहाल महत्वपूर्ण बात यह है कि पैरोल की मांग की गई है, मंजूरी नहीं मिली है। मुख्यमंत्री की ओर से राज्यपाल को सिफारिश भेजे जाने के बाद अब संबंधित प्रक्रिया के तहत इस अनुरोध पर विचार किया जाना है।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के पास भेजे गए पत्र में मुख्यमंत्री ने मानवीय आधार पर मामले को देखने की अपील की है।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि जगतार सिंह हवारा को पैरोल मिल चुकी है। फिलहाल यह मुख्यमंत्री की ओर से की गई सिफारिश और अनुरोध है।
बीमार मां की स्थिति बनी पैरोल का आधार
मुख्यमंत्री के पत्र में हवारा की मां की बीमारी को प्रमुख आधार बनाया गया है। परिवार के किसी सदस्य की गंभीर बीमारी या अन्य मानवीय परिस्थितियों को कई मामलों में पैरोल संबंधी अनुरोधों में आधार बनाया जाता है। हालांकि, प्रत्येक मामले में अंतिम निर्णय लागू नियमों और सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया के अनुसार होता है।
रिपोर्टों के अनुसार, भगवंत मान ने राज्यपाल से हवारा को मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल देने पर विचार करने का आग्रह किया है।
पहले भी पैरोल को लेकर उठता रहा है मामला
Jagtar Singh Hawara Parole का मुद्दा पहले भी सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय रहा है। फरवरी 2026 में भी एक संबंधित विवाद सामने आया था, जिसमें एक संगठन ने पंजाब सरकार पर पैरोल प्रक्रिया को लंबित रखने के आरोप लगाए थे। हालांकि उस समय लगाए गए राजनीतिक आरोपों को संबंधित पक्षों के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अब मुख्यमंत्री की ओर से राज्यपाल को सीधे पत्र लिखे जाने के बाद इस मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है।
पैरोल मंजूर होने के बाद ही स्पष्ट होगी आगे की स्थिति
राज्यपाल के समक्ष अनुरोध पहुंचने के बाद अब आगे की प्रक्रिया और निर्णय का इंतजार रहेगा। यदि पैरोल मंजूर होती है तो उसकी अवधि, शर्तें और अन्य कानूनी औपचारिकताएं संबंधित आदेश में स्पष्ट की जाएंगी।
फिलहाल पंजाब सरकार की ओर से इतना स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मानवीय आधार पर जगतार सिंह हवारा को उसकी बीमार मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल देने का अनुरोध किया है।

