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राष्ट्रपति मुर्मू कर्तव्य पथ पहुंचीं

26..jan..नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ पारंपरिक बग्घी में सवार होकर कर्तव्य पथ पहुंचीं। इस भव्य आगमन ने समारोह की गरिमा और भारत-यूरोप संबंधों की मजबूती को विशेष रूप से रेखांकित किया।

कर्तव्य पथ पर पहुंचते ही राष्ट्रपति और विशिष्ट अतिथियों का सशस्त्र बलों द्वारा औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, विदेशी मेहमान, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। परंपरागत बग्घी यात्रा ने औपनिवेशिक काल से चली आ रही परंपरा और आधुनिक भारत की लोकतांत्रिक भावना का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।

इस वर्ष समारोह में भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को विशेष महत्व दिया गया। मुख्य अतिथि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति से दोनों पक्षों के बीच व्यापार, जलवायु परिवर्तन, तकनीक और वैश्विक शांति जैसे मुद्दों पर सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों, शांति और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्ध है।

गणतंत्र दिवस पर आयोजित परेड में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियों ने अनुशासन और शौर्य का प्रदर्शन किया। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को दर्शाया। वायुसेना के लड़ाकू विमानों की फ्लाई-पास्ट ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

समारोह का समापन देशभक्ति के उत्साह और एकता के संदेश के साथ हुआ। राष्ट्रपति का पारंपरिक बग्घी में आगमन इस ऐतिहासिक दिन की एक यादगार तस्वीर बन गया, जिसने भारत की परंपरा, कूटनीति और लोकतांत्रिक शक्ति को विश्व के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

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