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आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक फायरिंग मामला: जालंधर पुलिस ने आरोपी को दबोचा, लाइसेंसी हथियार भी बरामद

आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक फायरिंग मामला जालंधर में चर्चा का विषय बना हुआ है। वेरका मिल्क प्लांट के निकट स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक पर हुई फायरिंग के मामले में जालंधर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लाइसेंसी हथियार भी बरामद किया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

घटना के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक फायरिंग मामला में आरोपी गिरफ्तार

आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक फायरिंग मामला में गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरपाल सिंह निवासी अशोक विहार कॉलोनी, वेरका मिल्क प्लांट के निकट के रूप में हुई है। मामले की जानकारी देते हुए एडीसीपी आकृषि जैन ने बताया कि 22 जून को डॉ. संदीप शर्मा निवासी वीनस वैली के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों तथा गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

कैसे सामने आया आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक फायरिंग मामला?

एडीसीपी के अनुसार शिकायतकर्ता डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि 20 जून की रात उनकी पत्नी डॉ. विश्वजीत कौर ने सलेमपुर रोड स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक को बंद किया था। सब कुछ सामान्य था और उस समय किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नहीं मिली थी।

लेकिन 22 जून की सुबह जब उनके भतीजे मोहित बावा क्लिनिक खोलने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि क्लिनिक के अंदर का शीशा टूटा हुआ है। जब उन्होंने ध्यान से जांच की तो पता चला कि शीशे पर गोली लगने का निशान था। गोली शीशे को आर-पार करती हुई दिखाई दे रही थी, जिससे फायरिंग की आशंका और मजबूत हो गई।

इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और शिकायत दर्ज करवाई गई।

पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया केस

आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक फायरिंग मामला सामने आने के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया। जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए।

पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली। शुरुआती जांच में मिले सुरागों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी से बरामद हुआ लाइसेंसी हथियार

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी गुरपाल सिंह के कब्जे से एक लाइसेंसी हथियार भी बरामद किया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इसी हथियार का इस्तेमाल क्लिनिक पर फायरिंग के लिए किया गया था।

फोरेंसिक जांच के लिए हथियार को भेजा जा सकता है ताकि यह पुष्टि की जा सके कि घटना में इस्तेमाल हथियार वही है या नहीं। पुलिस की ओर से वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है।

फायरिंग के पीछे के कारणों की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी तक फायरिंग के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना किसी व्यक्तिगत रंजिश, विवाद या अन्य कारणों से जुड़ी हुई है या नहीं।

इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या आरोपी ने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया।

आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक फायरिंग मामला में आगे क्या?

आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक फायरिंग मामला में पुलिस की कार्रवाई जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ाया गया है। पुलिस सभी साक्ष्यों को एकत्र कर घटना के पीछे की पूरी कहानी सामने लाने की कोशिश कर रही है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अभियान लगातार जारी रहेगा।

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