इंडिगो फ्लाइट पावर बैंक धमाका: बैग में ब्लास्ट से यात्रियों में अफरा-तफरी
इंडिगो फ्लाइट पावर बैंक धमाका से दहशत में आए यात्री
इंडिगो फ्लाइट पावर बैंक धमाका मामले ने हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। IndiGo की एक फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक यात्री के बैग में रखे पावर बैंक में अचानक धमाका हो गया। धमाके के बाद विमान के अंदर धुआं फैलने लगा और यात्री घबरा गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना इतनी अचानक हुई कि कुछ सेकंड के लिए यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग अपनी सीट छोड़कर दूसरी तरफ जाने लगे। http://indigo-flight-power-bank-blast-newsहालांकि फ्लाइट क्रू ने तेजी दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और बड़ा हादसा होने से बचा लिया।
कैसे हुआ इंडिगो फ्लाइट पावर बैंक धमाका?
मिली जानकारी के अनुसार पावर बैंक पहले तेजी से गर्म हुआ और फिर उसमें स्पार्किंग शुरू हो गई। कुछ ही पलों बाद तेज आवाज के साथ धमाका हुआ और बैग से धुआं निकलने लगा।
फ्लाइट स्टाफ ने तुरंत बैग को अलग किया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत स्थिति को संभाला। विमान में मौजूद यात्रियों को शांत रहने के निर्देश दिए गए। एयरलाइन की सतर्कता के कारण आग फैलने से पहले ही स्थिति पर काबू पा लिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि लिथियम-आयन बैटरियों में ओवरहीटिंग की समस्या गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। यही वजह है कि विमानन कंपनियां लगातार यात्रियों को बैटरी से जुड़े नियमों का पालन करने की सलाह देती हैं।
फ्लाइट में पावर बैंक क्यों बन रहे खतरा?
इंडिगो फ्लाइट पावर बैंक धमाका जैसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार खराब क्वालिटी, डैमेज या ओवरलोडेड पावर बैंक उड़ान के दौरान बड़ा जोखिम बन सकते हैं।
लिथियम बैटरियां अत्यधिक गर्मी में तेजी से प्रतिक्रिया करती हैं। यदि बैटरी में तकनीकी खराबी हो जाए तो उसमें आग लग सकती है या विस्फोट हो सकता है। यही कारण है कि कई एयरलाइंस पावर बैंक को केवल हैंड बैगेज में रखने की अनुमति देती हैं।
H3: एयरलाइंस द्वारा दिए जाने वाले जरूरी सुरक्षा निर्देश
- पावर बैंक हमेशा हैंड बैगेज में रखें
- डैमेज या फूली हुई बैटरी का इस्तेमाल न करें
- लोकल और बिना सर्टिफिकेशन वाले पावर बैंक से बचें
- उड़ान के दौरान पावर बैंक चार्जिंग में न लगाएं
- अत्यधिक क्षमता वाले पावर बैंक ले जाने से बचें
: विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच
घटना के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि बैटरी ओवरहीट होने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि तकनीकी टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पावर बैंक में निर्माण संबंधी खराबी थी या उपयोग में लापरवाही हुई।
इस घटना ने यात्रियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी लोग फ्लाइट सुरक्षा और पावर बैंक नियमों को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
: क्या कहते हैं सुरक्षा विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एयरलाइंस को और सख्त जांच करनी होगी। यात्रियों को भी जागरूक रहने की जरूरत है।
अगर कोई पावर बैंक अत्यधिक गर्म हो रहा हो, बदबू आ रही हो या उसमें सूजन दिखाई दे रही हो तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

