कर्नाटक के DGP सस्पेंड: अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा विवाद
20..jan..कर्नाटक सरकार ने अपने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और सिविल राइट्स एनफोर्समेंट के डीजीपी के. रामचंद्र राव को सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। यह कार्रवाई सोमवार को हुई जब कथित आपत्तिजनक वीडियो क्लिपें सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर तेजी से फैल गईं, जिनमें राव को एक महिला के साथ कार्यालय के भीतर अनुचित व्यवहार करते हुए दिखाया गया है।
राज्य सरकार ने निलंबन का निर्देश डी.के. सिद्धारमैया मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जारी किया, जिसमें अधिकारियों ने कहा कि इस तरह का व्यवहार “सरकारी सेवा नियमों के विरुद्ध और सरकार के लिए अपमानजनक” माना जाता है। उन्होंने कहा है कि कोई भी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है और मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।
वीडियो वायरल होते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। वायरल क्लिपों में राव को अपनी वर्दी में बैठा और एक महिला से आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया, जिससे राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर प्रतिक्रियाएँ आईं।
हालाँकि रामचंद्र राव ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है, उन्हें “फर्जी”, “मनगढ़ंत” और “राताजाग कर बनाई गई” बताया है। उन्होंने कहा है कि वीडियो आठ साल पुराना हो सकता है और Belagavi में उनके पुराने पदस्थापन के दौरान रिकॉर्ड किया गया था, और यह एक साजिश का हिस्सा हो सकता है। वह कथित तौर पर इस बारे में कानूनी सलाह लेने और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
इस विवाद ने कर्नाटक की राजनीति और पुलिस विभाग में हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने सरकार से पूरी तरह से स्वतंत्र जांच और यदि आवश्यक हो तो सख्त कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग से रिपोर्ट मांगते हुए कहा है कि जांच तेज़ और निष्पक्ष तरीके से जारी रहेगी।

