जालंधर इमिग्रेशन दफ्तर हमला: ट्रैवल एजेंट मनिंदर सहित 3 पर FIR, CCTV में कैद पूरी वारदात
जालंधर इमिग्रेशन दफ्तर हमला: पैसों के विवाद ने लिया हिंसक रूप
जालंधर इमिग्रेशन दफ्तर हमला मामले ने शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बस स्टैंड के पास स्थित इमिग्रेशन दफ्तर में हुए इस हमले के बाद पुलिस ने ट्रैवल एजेंट मनिंदर सिंह, मोहित तिवाड़ी और कुलबीर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला पैसों के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने अचानक हिंसक रूप ले लिया।


घटना कैसे हुई?
बस्ती बावा खेल थाना प्रभारी जयइंद्र सिंह के अनुसार, पुलिस को स्पोर्ट्स मार्केट में झगड़े की सूचना मिली थी। http://jalandhar-immigration-office-attack-fir-maninder-singhजब टीम मौके पर पहुंची, तब तक घायल युवक को सिविल अस्पताल ले जाया जा चुका था। गंभीर हालत के चलते डॉक्टरों ने उसे सत्यम अस्पताल रेफर कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 8 से 10 लोगों ने मिलकर युवक पर हमला किया। इस जालंधर इमिग्रेशन दफ्तर हमला केस में शिकायत घायल युवक के भाई महिंदर सिंह द्वारा दर्ज करवाई गई है।
पैसों के विवाद से भड़की हिंसा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि विवाद विदेश भेजने के नाम पर पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ। आरोप है कि 5 लाख रुपये की डील तय हुई थी, जिसमें से 2 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे।
इसी पैसे के विवाद ने जालंधर इमिग्रेशन दफ्तर हमला जैसी गंभीर घटना को जन्म दिया। पुलिस के अनुसार, यह मामला पहले थाना 6 में भी दर्ज था, लेकिन घटना दूसरे इलाके में होने के कारण नई FIR दर्ज की गई।
CCTV में कैद खौफनाक वारदात
इस जालंधर इमिग्रेशन दफ्तर हमला मामले की CCTV फुटेज भी सामने आई है, जिसमें पूरी घटना साफ देखी जा सकती है। वीडियो में एक सिख युवक दफ्तर में घुसता है और कर्मचारियों से बहस करता है, जो बाद में हाथापाई में बदल जाती है।
इसके बाद कुछ लोग उसे घेर लेते हैं और ग्रीन शर्ट पहने एक युवक किसी वस्तु से उस पर हमला करता दिखाई देता है। वीडियो में घायल युवक मनिंदर का नाम लेकर आरोप लगाता भी सुनाई देता है।
पुलिस कार्रवाई और फरार आरोपी
पुलिस ने इस जालंधर इमिग्रेशन दफ्तर हमला मामले में तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के घरों पर दबिश दी गई, लेकिन सभी फरार हैं और घरों पर ताले लगे मिले।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले की जांच जारी है।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े दफ्तर के अंदर हमला होना यह दिखाता है कि अपराधियों में कानून का डर कम होता जा रहा है।

